उत्तरी बंगाल में एक बार फिर “चाय की राजनीति” तेज होती दिख रही है। इस इलाके की 54 विधानसभा सीटें राज्य में अगली सरकार बनाने में बहुत अहम मानी जा रही हैं। जैसे यहां की मशहूर चाय का स्वाद सही समय और हालात पर निर्भर करता है, वैसे ही यहां का चुनावी माहौल भी खास तौर पर “स्विंग वोटर” यानी निर्णायक मतदाताओं पर टिका होता है। पश्चिम बंगाल में कुल 294 सीटों के लिए 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा। इसके बाद 4 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे। चाय बागानों, डुआर्स और पहाड़ी इलाकों से घिरा उत्तरी बंगाल लंबे समय से राजनीति में बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है।
