West Bengal: कोयला घोटाला मामले में ED का एक्शन, I-PAC के अधिकारियों और कई दूसरे लोगों के ठिकानों पर हुई छापेमारी

West Bengal ED Raid: केंद्रीय जांच एजेंसी ने जनवरी में इस मामले में आई-पैक कार्यालय और इसके फाउंडर और डायरेक्टर में से एक प्रतीक जैन के कोलकाता स्थित आवास पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई कथित कई करोड़ रुपये के कोयला घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी थी

अपडेटेड Apr 02, 2026 पर 3:21 PM
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West Bengal: कोयला घोटाला मामले में ED का एक्शन, I-PAC के अधिकारियों और कई दूसरे लोगों के ठिकानों पर हुई छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कई शहरों में, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के अधिकारियों और कुछ दूसरे लोगों से जुड़े कुछ परिसरों पर बृहस्पतिवार को नए सिरे से छापेमारी की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में कोयले की कथित तस्करी और चोरी की जांच के तहत बेंगलुरु, हैदराबाद और दिल्ली स्थित कई स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।

उन्होंने बताया कि I-PAC के को-फाउंडर और डायरेक्टर ऋषि राज सिंह का परिसर भी जांच के दायरे में है। सिंह को हाल में ईडी ने बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया था। उन्होंने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में जारी चुनाव कार्यों का हवाला देते हुए उन्हें जारी किए गए नोटिस को रद्द करने का अनुरोध करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।

जनवरी में भी ED ने मारी थी रेड


केंद्रीय जांच एजेंसी ने जनवरी में इस मामले में आई-पैक कार्यालय और इसके फाउंडर और डायरेक्टर में से एक प्रतीक जैन के कोलकाता स्थित आवास पर छापेमारी की थी।

यह कार्रवाई कथित कई करोड़ रुपये के कोयला घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी थी।

छापेमारी के दौरान बड़ा राजनीतिक विवाद भी हुआ, जब ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई नेता साल्ट लेक स्थित I-PAC ऑफिस पहुंच गए। बाद में ED ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी वहां से कुछ अहम सबूत, जैसे दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, हटा ले गईं।

ED पहुंची हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट

हालांकि, ममता बनर्जी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि केंद्रीय एजेंसी अपनी सीमा से बाहर जाकर काम कर रही है।

इसके बाद ED ने हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। एजेंसी ने मांग की कि इस मामले की जांच CBI से कराई जाए, ताकि निष्पक्ष जांच हो सके।

ED का यह भी दावा है कि करीब 10 करोड़ रुपए की अवैध रकम हवाला के जरिए I-PAC तक पहुंचाई गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह पैसा TMC की तरफ से 2022 गोवा विधानसभा चुनाव में काम के लिए दिया गया था।

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