पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में कई जिलों से हिंसा की खबरें सामने आई थी। वहीं दूसरे चरण में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से हो इसके चुनाव आयोग ने पूरी तैयारी कर रही है। मतदान से पहले दूसरे राज्यों से भी पुलिस अफसर को भी पश्चिम बंगाल में तैनात किया जा रहा है। वहीं दूसरे चरण के मतदान से पहले एक नया बखेड़ा खड़ा हो गया है। चुनाव आयोग ने यूपी कैडर के आईपीएस और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अजय पाल शर्मा को दक्षिण 24 परगना इलाके में पुलिस ऑब्जर्वर बनाकर भेजा तो टीएमसी आगबबूला हो गई।
टीएमसी ने अजय पाल शर्मा की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए उन्हें बीजेपी का एजेंट कर दिया है। बंगाल में मचे सियासी घमासान के बीच आईपीएस अजय पाल शर्मा का बंगाल से एक नया वीडियो सामने आया है। बता दें कि, मंगलवार को दक्षिण 24 परगना में अजय पाल शर्मा के नेतृत्व में, CAPF (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल) के जवान फलता विधानसभा क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रहे हैं। वहीं इस अभियान के दौरान TMC के समर्थक पार्टी के उम्मीदवार जहांगीर खान के कार्यालय के बाहर जमा हो गए और CAPF के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं सुरक्षाबलों में उन्हें वहां से हटाया।
बता दें कि, यूपी के आईपीएस अजय पाल शर्मा को चुनाव आयोग ने बंगाल में पुलिस ऑब्जर्वर के रूप में तैनात किया है। उनका सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में वे दक्षिण 24 परगना के फलता से तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान के घर जाकर उन्हें कड़ी चेतावनी देते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि अगर मतदाताओं को धमकाने की खबरें दोबारा आईं, तो वे अच्छे से खबर लेंगे। अजय पाल शर्मा ने जहांगीर खान के घर पर तैनात भारी पुलिस बल (14 पुलिसकर्मी) को लेकर स्थानीय एसपी (SP) से जवाब मांगा और नोटिस जारी किया।
बता दें कि, इससे पहले टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर ने कहा कि, 'BJP अपनी जमीन खो चुकी है, इसीलिए वे इन सब हरकतों से वोटरों को डराने की कोशिश कर रहे हैं। अगर वह 'सिंघम' है, तो मैं भी 'पुष्पा' हूं। वह आया और उसने मेरे कार्यकर्ता को धमकाया। क्या इन दिनों कोई ऐसी घटना हुई है।' बता दें कि, इससे पहले टीएमसी नेता ने कहा था कि, 'ये लोग बहुत खेल दिखा रहे हैं। खेल तुम लोगों ने शुरू किया है, खत्म हम करेंगे।'