Kumarganj Violence: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर पहले चरण के लिए जारी मतदान के बीच गुरुवार (23 अप्रैल) को कुमारगंज में BJP उम्मीदवार शुभेंदु सरकार पर कथित तौर पर तृणमूल समर्थकों ने जानलेवा हमला कर दिया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आरोप लगाया कि शुभेंदु सरकार के साथ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के समर्थकों ने मारपीट की। BJP के नेता ने बताया कि मतदान केंद्र के पास टीएमसी समर्थकों द्वारा कथित तौर पर हंगामा किए जाने की जानकारी मिलने के बाद जब सरकार मौके पर जा रहे थे तब ही उन्हें पीटा गया।
उन्होंने कहा कि पार्टी उम्मीदवार पर उस समय हमला किया गया, जब वह मतदान केंद्र की ओर जा रहे थे। संबंधित मतदान केंद्र एक स्कूल परिसर में बनाया गया है। इसी दौरान सीएम ममता बनर्जी के समर्थकों ने हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि यह घटना तब हुई जब वे एक बूथ पर पहुंचे और उन्होंने वोटिंग प्रक्रिया में हो रही रुकावट पर आपत्ति जताई।
इसके तुरंत बाद, TMC कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया। बीजेपी नेता को पोलिंग बूथ से बाहर तक दौड़ाया और सरेआम उनकी पिटाई की। TMC कार्यकर्ताओं ने सरकार के साथ मौजूद सुरक्षाकर्मियों को काबू कर लिया और उनके साथ बदसलूकी की। सरकार और सुरक्षाकर्मी एक खेत से होकर भागे, जबकि कथित तौर पर TMC कार्यकर्ता उनका पीछा कर रहे थे।
सरकार ने दावा किया कि उन्हें चोटें आई हैं। TMC कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ की है। शुभेंदु सरकार ने कहा, "कुमारगंज विधानसभा इलाके में 8-10 जगहों पर हमारे पोलिंग एजेंट को बाहर किया गया। लेकिन मैंने आकर इन्हें अंदर घुसाया। लेकिन जब मैं बूथ नंबर 24 में गया तो इन्होंने हमारी पूरी टीम पर हमला किया। भय का माहौल तैयार करने की कोशिश की।"
BJP नेता ने आगे कहा, "केंद्रीय बल मतदान केंद्र पर ही मौजूद थे। वे परिसर के भीतर ही थे। लेकिन जब मैं वहां पहुंचा, तो मेरे साथ केवल मेरा अंगरक्षक था; हमारे साथ और कोई नहीं था... ममता बनर्जी चुनाव हार चुकी हैं। तृणमूल कांग्रेस इस क्षेत्र की चारों सीटें हार रही है। घोर हताशा और डर के चलते, उन्होंने हम पर हमला कर दिया।"
पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में गुरुवार को विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 152 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान के दौरान हिंसा और उम्मीदवारों पर हमले की छिटपुट घटनाएं हुईं। चुनाव आयोग ने प्रभावित क्षेत्रों में घटनाओं को लेकर रिपोर्ट मांगी है।
अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के नाओदा इलाके में आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों के बीच झड़पें हुईं जिसके बाद पुलिस और केंद्रीय बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया।
एजेयूपी के संस्थापक हुमायूं कबीर ने शिवनगर गांव में व्याप्त तनाव के बीच एक मतदान केंद्र का दौरा किया जिसके बाद हिंसा भड़क उठी। तृणमूल समर्थकों ने इसके विरोध में प्रदर्शन शुरू कर दिया। नारे लगाए और कबीर के वाहन को घेर लिया। उन्हें भाजपा का एजेंट करार दिया।
विरोधी गुटों ने कथित तौर पर पत्थर और ईंटें फेंकीं जिससे स्थिति और बिगड़ गई। कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा हो गई। झड़पों में कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई। कबीर ने सत्तारूढ़ पार्टी पर मतदाताओं को डराने-धमकाने और चुनावी कदाचार का आरोप लगाया।