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'भत्ता नहीं, रोजगार चाहिए', सुकांता मजूमदार का ममता सरकार पर हमला, बंगाल चुनाव से पहले गरमाई सियासत!

कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए सुकांता मजूमदार ने कहा कि कागज़ों में कानून सख्त है, लेकिन ज़मीन पर उसे लागू करने की इच्छाशक्ति नहीं दिखती। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य प्रशासन सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग के निर्देशों को गंभीरता से नहीं ले रहा। वोटर लिस्ट अब तक पूरी तरह फाइनल न होना भी इसी असहयोग का नतीजा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 25, 2026 पर 8:33 PM
'भत्ता नहीं, रोजगार चाहिए', सुकांता मजूमदार का ममता सरकार पर हमला, बंगाल चुनाव से पहले गरमाई सियासत!
सुकांता मजूमदार का ममता सरकार पर हमला, बंगाल चुनाव से पहले गरमाई सियासत!

आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाज़ी लगातार तेज़ होती जा रही है। इसी कड़ी में बुधवार (25 फरवरी) को सुकांता मजूमदार ने मीडिया से बातचीत में ममता सरकार पर हमला बोला। उन्होंने सीधे तौर पर रोजगार, महिलाओं की आर्थिक स्थिति और कानून-व्यवस्था को लेकर मौजूदा सरकार पर निशाना साधा।

सुकांता मजूमदार ने कहा कि बंगाल में सबसे बड़ी समस्या इंडस्ट्री और नौकरी की कमी है। उन्होंने युवा साथी योजना की तरफ इशारा करते हुए कहा, "अगर युवाओं और महिलाओं को काम नहीं मिलेगा, तो वे कब तक दूसरे राज्यों में मजदूरी करने जाएंगे या फिर 1000 रुपये के सरकारी भत्ते पर निर्भर रहेंगे?" उन्होंने साफ कहा कि लोग अब सिर्फ अलाउंस नहीं, बल्कि स्थायी रोजगार चाहते हैं।

इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि BJP के कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। उनके मुताबिक, महिलाएं समझ चुकी हैं कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो 'अन्नपूर्णा भंडार' जैसी योजनाओं के ज़रिए सीधे उनके खातों में ज़्यादा पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे। लेकिन उससे भी बड़ी बात यह है कि महिलाएं और युवा अब एक ही मांग कर रहे हैं कि काम चाहिए।

वहीं, कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए सुकांता मजूमदार ने कहा कि कागज़ों में कानून सख्त है, लेकिन ज़मीन पर उसे लागू करने की इच्छाशक्ति नहीं दिखती। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य प्रशासन सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग के निर्देशों को गंभीरता से नहीं ले रहा। वोटर लिस्ट अब तक पूरी तरह फाइनल न होना भी इसी असहयोग का नतीजा है। उन्होंने SIR का जिक्र करते हुए कहा कि अगर समय पर चुनाव नहीं हुए, तो संवैधानिक संकट पैदा हो सकता है और राज्य में राष्ट्रपति शासन जैसी स्थिति भी बन सकती है।

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