पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वोटिंग के दौरान झड़प का मामला सामने आया है। गुरुवार को मुर्शिदाबाद में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और आम जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर के बीच झड़प हो गई। यह घटना तब हुई जब कबीर उस जगह पर पहुंचे, जहां पहले चरण की वोटिंग से एक दिन पहले नवदा विधानसभा क्षेत्र में एक पोलिंग बूथ के पास बम धमाके की खबर आई थी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि हुमायूं कबीर केंद्रीय सुरक्षा बल (CAPF) के जवानों से घिरे हुए हैं और वहां मौजूद लोगों के एक समूह के साथ उनकी तीखी बहस हो रही है। आरोप है कि यह लोग तृणमूल कांग्रेस से जुड़े हुए थे।
आपस में भिड़े टीएमसी और हूमायूं कबीर के कार्यकर्ता
आरोप है कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने हुमायूं कबीर के खिलाफ नारेबाजी की। झड़प की स्थिति बनने के बाद मौके पर सिक्योरिटी टाइट कर दी गई है। केंद्रीय सुरक्षा बल मौके पर मौजूद है. चारों तरफ लोग ही लोग नजर आ रहे हैं। स्थिति को फिलहाल नियंत्रण में और स्थिर बताया जा रहा है। धमाके के तुरंत बाद पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए और इलाके में गश्त बढ़ा दी गई। इस घटना के बाद साहिना मुमताज खान (जो उस समय घटनास्थल के पास ही मौजूद थीं) ने आरोप लगाया कि इस हमले का मुख्य निशाना वही थीं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब वहां सुरक्षा बल तैनात थे, तो पोलिंग बूथ के इतने करीब ऐसी घटना कैसे हो गई।
वोटिंग से पहले बुधवार को मुर्शिदाबाद में कथित तौर पर हुए बम धमाके की घटना के पीड़ितों में से एक ने कहा, "कल रात करीब 8 बजे मैं नमाज पढ़ने के लिए बाहर निकली थी। मैं खड़ी थी। तभी दो लड़के आए और मेरे पैरों के पास एक बम फेंक दिया। यह काम हुमायूं कबीर की पार्टी के कार्यकर्ताओं ने किया है।'
तृणमूल कांग्रेस के सांसद अबू ताहेर खान ने इस घटना के लिए कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) और आम जनता उन्नयन पार्टी से जुड़े कथित उपद्रवियों को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि मतदाताओं को डराने के लिए रात के अंधेरे में जानबूझकर इस बमबारी की साजिश रची गई। वहीं एक दूसरी घटना में डोमकल ब्लॉक में भी हिंसा की खबर सामने आई है। इससे पूरे जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता और बढ़ गई है।