आठ साल पहले, भारतीय सिनेमा को एक ऐसा किरदार मिला जिसने जोर-शोर या दिखावे के बिना ही दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ दी। पद्मावत में दीपिका पादुकोण की रानी पद्मावती एक ऐसी भूमिका बनकर सामने आई, जो शांति, गरिमा और भीतर से आने वाली ताकत का बेहतरीन उदाहरण थी। फिल्म की आठवीं सालगिरह पर, हम उस अभिनय को याद करते हैं जिसने बड़े पर्दे पर “ताकत” की परिभाषा ही बदल दी । और शांत, अडिग और आत्मविश्वास से भरी हुई है।
