बॉलीवुड अभिनेता और फिल्म निर्माता आमिर खान ने हाल ही में अपने एक खास विचार को साझा किया है। उन्होंने बताया कि उनका सपना है कि वह एक ऐसा फिल्म इंस्टीट्यूट खोलें जो पारंपरिक गुरुकुल की तरह हो। इस स्कूल में बहुत अधिक छात्रों की बजाए वे केवल 10 चुनिंदा छात्रों को ही परिवार जैसा साथ देंगे।
आमिर खान ने कहा कि वे चाहते हैं कि उनके साथ पढ़ने वाले ये छात्र न केवल फिल्मी कला सीखें बल्कि जीवन की सीख भी उनके अनुभव से ग्रहण करें। उनका मानना है कि ज्यादा बड़े संस्थान की बजाय छोटे पारिवारिक माहौल में छात्रों की प्रतिभा पर ध्यान देना ज्यादा कारगर होता है। इस तरह का एक गुरुकुल-आधारित फिल्म स्कूल उन्हें उनकी पेशेवर यात्रा में मिली सीखों को साझा करने का मौका देगा।
आमिर खान ने यह भी कहा कि वे चाहते हैं कि यह संस्था केवल तकनीकी शिक्षा पर ध्यान न दे बल्कि फिल्मों के माध्यम से सामाजिक जिम्मेदारियों और जीवन मूल्यों को भी समझाए। वे मानते हैं कि सिनेमा का सबसे बड़ा उद्देश्य समाज से जुड़ना और उसे जागरूक करना है। इस फिल्म स्कूल के जरिए वे ऐसे विचारवान और जागरूक कलाकार तैयार करना चाहते हैं जो केवल मनोरंजन ही नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव भी ला सकें।
फिल्म इंडस्ट्री में मिस्टर परफेक्शनिस्ट के नाम से जाने जाने वाले आमिर खान ने अपने करियर में हमेशा गुणवत्ता और संदेश पर जोर दिया है। उनकी कई फिल्में सिर्फ मनोरंजन ही नहीं बल्कि सामाजिक मुद्दों को उठाती रही हैं। अब वे इस नई शिक्षा संस्था के माध्यम से युवाओं को न केवल अभिनय और निर्देशन सिखाने की बल्कि एक बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा भी देना चाहते हैं।
यह गुरुकुल स्टाइल फिल्म स्कूल उनकी व्यक्तिगत सोच और भारतीय शिक्षा पद्धति को दर्शाने का एक प्रयास होगा। आमिर का मानना है कि प्रत्येक छात्र को व्यक्तिगत रूप से मार्गदर्शन की जरूरत होती है, जो बड़े संस्थान में आसानी से संभव नहीं होता। इसलिए वे इस छोटे समूह के साथ कार्य करके विद्यार्थियों की योग्यता को उभारना चाहते हैं।