अब तक कहानी में प्रेम को एक सुलझे हुए और मददगार इंसान के रूप में दिखाया गया है, जिसे अनुपमा ने हमेशा अपने बेटे जैसा सम्मान दिया। लेकिन अब हवाओं का रुख बदल रहा है। हालिया घटनाओं में प्रेम का व्यवहार राही (उसकी पत्नी) के प्रति काफी अजीब और कड़वा हो गया है।
खबरों की मानें तो प्रेम जल्द ही एक निगेटिव शेड में नजर आ सकता है। वह अपनी पहचान बनाने की सनक या किसी पुरानी खुन्नस का बदला लेने के लिए अनुपमा के दुश्मनों से हाथ मिला सकता है। अगर ऐसा होता है, तो यह अनुपमा के लिए सबसे बड़ा भावनात्मक आघात होगा क्योंकि उसने प्रेम पर आँख बंद करके भरोसा किया है।
कहानी में यह मोड़ तब आ रहा है जब परिवार को उसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। क्या अनुपमा इस शारीरिक और मानसिक लड़ाई को अकेले लड़ पाएगी? या इस बार उसके अपने उसे वह सहारा देंगे जिसकी वह हकदार है?
सावी के कैफे पर सरकारी गाज
एक तरफ अनुपमा अपनी जिंदगी की जंग लड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ सावी का सपनों का प्रोजेक्ट 'सावी कैफे' भी संकट में है। प्रोमो के अनुसार, कुछ सरकारी अधिकारी अचानक आकर कैफे को सील कर देते हैं। इस कार्रवाई के पीछे दिग्विजय के परिवार और उनके बेटे रणविजय का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। सावी के कैफे पर आया यह संकट अनुपमा की परेशानियों को दोगुना करने वाला है।
अनुपमा के आगामी एपिसोड्स में आने वाले ये ट्विस्ट यह तय करेंगे कि शाह और कोठारी परिवार का भविष्य क्या होगा। प्रेम की गद्दारी, सावी का टूटता सपना और अनुपमा की नाजुक सेहत—इन तीनों मोर्चों पर अनुपमा कैसे वापसी करती है, यह देखना वाकई दिलचस्प होगा।