म्यूजिक की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुके ए आर रहमान एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। इस बार वजह उनका कोई नया गाना या प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि एक इंटरव्यू में दिया गया बयान है। रहमान ने बातचीत के दौरान खुलासा किया कि बीते करीब आठ सालों से उन्हें बॉलीवुड में काम के मौके नहीं मिले हैं। उन्होंने इसके पीछे मौजूदा सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब इंडस्ट्री में फैसले क्रिएटिव लोगों के हाथ में नहीं रहे। उनका ये बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई।
जहां कुछ लोग रहमान की बातों से सहमत नजर आए, वहीं कई यूजर्स ने उन्हें जमकर ट्रोल भी किया। इस बयान ने न सिर्फ बॉलीवुड के कामकाज के तरीके पर सवाल खड़े किए, बल्कि रहमान की निजी जिंदगी और उनके पुराने फैसलों को लेकर भी लोगों की जिज्ञासा बढ़ा दी।
हिंदू परिवार में हुआ था जन्म
बहुत कम लोग जानते हैं कि ऑस्कर विजेता ए आर रहमान का जन्म एक हिंदू परिवार में हुआ था। तमिलनाडु के मद्रास में जन्मे रहमान का असली नाम दिलीप कुमार राजगोपाला था। महज चार साल की उम्र में उन्होंने पियानो सीखना शुरू कर दिया था। उनके पिता आर.के. शेखर फिल्म इंडस्ट्री में म्यूजिक कंपोजर थे, जिससे घर में संगीत का माहौल था।
पिता की मौत और गरीबी का साया
रहमान जब सिर्फ 9 साल के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया। इसके बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। आर्थिक हालात इतने खराब हो गए कि पिता के म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट किराए पर देकर घर चलाना पड़ा। पढ़ाई के साथ-साथ रहमान को छोटे-मोटे काम करने पड़े, जिससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हुई।
मुश्किलों में टूटी उम्मीदें
गरीबी और जिम्मेदारियों ने रहमान को अंदर से तोड़ दिया था। हालात ऐसे हो गए कि स्कूल से शिकायतें आने लगीं। परिवार के लिए ये दौर बेहद दर्दनाक था, जहां हर दिन संघर्ष बन चुका था।
क्यों अपनाया इस्लाम धर्म?
इसी कठिन समय में रहमान की मुलाकात मशहूर पीर कादरी साहब से हुई। उनकी शिक्षाओं और आध्यात्मिक सोच ने रहमान को गहराई से प्रभावित किया। 23 साल की उम्र में उन्होंने अपनी मां और बहनों के साथ इस्लाम धर्म अपना लिया। रहमान ने इसे पूरी तरह निजी और आध्यात्मिक फैसला बताया है।
एक पुराने इंटरव्यू में रहमान ने बताया था कि एक सूफी आध्यात्मिक हीलर से मिलने के बाद उन्हें मानसिक शांति मिली। उन्होंने कहा कि उस आध्यात्मिक मार्ग ने उन्हें जीवन में नया सहारा दिया।
हिंदू ज्योतिषी ने दिया मुस्लिम नाम
इस्लाम अपनाने के बाद रहमान ने अपना नाम ‘अब्दुल रहमान’ रखा। दिलचस्प बात ये है कि ये नाम उन्हें एक हिंदू ज्योतिषी ने सुझाया था। नसरीन मुन्नी कबीर की किताब ‘ए. आर. रहमान: द स्पिरिट ऑफ म्यूजिक’ में उन्होंने खुद बताया कि उन्हें ‘रहमान’ नाम तुरंत पसंद आ गया था।