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Agastya Nanda: ‘बच्चन मेरी विरासत नहीं, मेरा सरनेम नंदा है’; बच्चन लेगेसी पर खुलकर बोले अगस्त्य नंदा

Agastya Nanda: अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा ने बॉलीवुड में डेब्यू के साथ ही अपनी पहचान को लेकर स्पष्ट रुख अपनाया है। हाल ही में उन्होंने कहा कि वे बिग बी की शोहरत के बोझ तले नहीं दबना चाहते, बल्कि अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाना चाहते हैं।

Shradha Tulsyanअपडेटेड Jan 06, 2026 पर 10:29 AM
Agastya Nanda: ‘बच्चन मेरी विरासत नहीं, मेरा सरनेम नंदा है’; बच्चन लेगेसी पर खुलकर बोले अगस्त्य नंदा

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के नाती और श्वेता बच्चन-नंदा के बेटे अगस्त्य नंदा इन दिनों अपनी फिल्म इक्कीस को लेकर सुर्खियों में हैं। लेकिन फिल्मों से ज्यादा चर्चा उनके बयान की हो रही है, जिसमें उन्होंने साफ कहा कि वे अपने नाना अमिताभ बच्चन की विरासत को आगे बढ़ाने का दबाव नहीं लेते। अगस्त्य का कहना है कि उनका सरनेम ‘नंदा’ है और वे अपने पिता निखिल नंदा की पहचान को आगे बढ़ाना चाहते हैं।

परिवार के दबाव से परे अपनी राह

अगस्त्य नंदा ने श्रीराम राघवन की फिल्म 'इक्कीस' के जरिए 1 जनवरी 2026 को सिल्वर स्क्रीन पर कदम रखा। अमिताभ बच्चन और अभिषेक बच्चन के बाद बच्चन खानदान की तीसरी पीढ़ी के तौर पर वे चर्चा में हैं। लेकिन IMDb पर डायरेक्टर श्रीराम राघवन और को-स्टार सिमर भाटिया के साथ बातचीत में अगस्त्य ने साफ कहा, 'मैं उस दबाव को बिल्कुल नहीं लेता क्योंकि वो मेरी विरासत नहीं है। मेरा सरनेम नंदा है, इसलिए मैं सबसे पहले अपने पिता का बेटा हूं। मेरा फोकस उन्हें गर्व महसूस कराने पर है।' उन्होंने आगे जोड़ा कि परिवार के दूसरे एक्टर्स का काम उन्हें पसंद है, लेकिन खुद को उनके जैसा बनाने की कोशिश बेकार है। यह बयान उनकी परिपक्व सोच को दर्शाता है, जो नेपोटिज्म बहस को नई दिशा दे रहा है।

नंदा-बच्चन-कपूर खानदान की जटिल विरासत

अगस्त्य के पिता निखिल नंदा राज कपूर के पोते हैं, जबकि मां श्वेता नंदा अमिताभ की बेटी। ऐसे में वे दो दिग्गज फिल्मी खानदानों से जुड़े हैं। लेकिन अगस्त्य का जोर अपनी पहचान बनाने पर है। 'इक्कीस' में उनके अभिनय की सराहना हो रही है, और अमिताभ ने KBC में उन्हें खुलकर सपोर्ट किया। नाना-पोते की केमिस्ट्री ने दर्शकों को भावुक कर दिया। अगस्त्य का यह रवैया दिखाता है कि नई पीढ़ी पुरानी विरासत को बोझ नहीं, बल्कि प्रेरणा मानती है। वे साबित करना चाहते हैं कि टैलेंट ही असली हथियार है।

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