गोविंदा की मां ने उन्हें हमेशा सिर्फ स्टार बेटा नहीं, बल्कि जिम्मेदार इंसान बनाना चाहती थीं। बचपन से ही वे घर के लाडले थे, लेकिन मां ने उन्हें रोजमर्रा के सारे काम सिखाए झाड़ू-पोंछा, बर्तन मांजना, छोटे-मोटे घरेलू काम, सब कुछ। गांव के लोग अकसर मजाक में कहते थे कि मां उन्हें बेटे की बजाय बहू की तरह रखती हैं, और यही बात आज अभिनेता मुस्कुराकर याद करते हैं।
