बॉलीवुड के लीजेंड इरफान खान ने अपनी आखिरी फिल्म 'अंग्रेजी मीडियम' की शूटिंग के दौरान असहनीय दर्द झेला, फिर भी एक्टिंग के प्रति उनका जुनून कम न हुआ। कोस्ट्यूम डिजाइनर स्मृति चौहान ने हाल ही में यूट्यूब चैनल 'अनफोल्डिंग टैलेंट्स' पर खुलासा किया कि इरफान का शरीर लगातार कमजोर होता जा रहा था, लेकिन वो सेट पर हाजिर रहने को तैयार रहते थे। 2018 में न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर की घोषणा के बाद भी उन्होंने काम जारी रखा, जो उनकी जिंदादिली की मिसाल है।
स्मृति ने बताया कि इरफान ने सिर्फ एक शिकायत की, "स्मृति, मुझे बहुत ठंड लगती है।" उन्होंने लंदन के एक ब्रांड से वार्मर्स मंगवाए, जो स्मृति ने तुरंत उपलब्ध कराए। शूटिंग के दौरान उनका कद-काठी सिकुड़ता गया, जिसके लिए कपड़ों में लगातार पैडिंग डालनी पड़ रही थी। गर्मियों के सीन में भी वेस्ट में पैडिंग करनी पड़ी, क्योंकि लेयर्स के बावजूद वो ठंड महसूस करते। परिवार हमेशा साथ रहता था। कभी-कभी ब्रेक लेते वक्ति उन्हें दर्द बर्दाश्त से बाहर हो जाता था।
कई दिन ऐसे आए जब इरफान सेट तक पहुंच ही नहीं पाए। स्मृति बोलीं, "कई बार शूटिंग कैंसल करनी पड़ी क्योंकि वो दर्द से तड़पते रहते थे।" फिर भी इरफान का मानना था कि एक्टिंग ही उनकी जिंदगी है। उन्होंने कहा जैसा महसूस किया, "ये वो है जिसके लिए मैं जीता हूं, शायद यहीं मरना चाहूं।" और सचमुच, 2020 में फिल्म रिलीज के ठीक पहले उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।
इरफान खान उस समय कैंसर से जूझ रहे थे और इलाज के बीच ही उन्होंने अंग्रेज़ी मीडियम की शूटिंग पूरी की। यह फ़िल्म उनके करियर की आख़िरी प्रस्तुति बनी, जिसमें उन्होंने एक पिता का किरदार निभाया जो अपनी बेटी को विदेश में पढ़ाई दिलाने के लिए हर मुश्किल से लड़ता है। असल ज़िंदगी में भी इरफान ने दर्द और बीमारी से लड़ते हुए अपने किरदार को जीवंत किया।
स्मृति चौहान ने यह भी बताया कि इरफान का समर्पण इतना गहरा था कि वह अपने दर्द को छुपाकर कैमरे के सामने पूरी ऊर्जा से अभिनय करते थे। कई बार उन्हें आराम की ज़रूरत होती थी, लेकिन वह कहते थे कि “काम पूरा करना है।” यह जज़्बा ही उन्हें दर्शकों के दिलों में अमर बनाता है।
इरफान खान सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि इंसानियत और संघर्ष की मिसाल थे। उनकी आख़िरी फ़िल्म की शूटिंग की यह कहानी हमें याद दिलाती है कि असली कलाकार वही होता है जो हर परिस्थिति में अपने कला और दर्शकों के प्रति ईमानदार रहे।