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RRR: "तारक जैसा कोई दूसरा नहीं कर सकता", 'RRR' की एनिवर्सरी पर एस. एस. राजामौली ने फिर की जूनियर एनटीआर की जमकर तारीफ

RRR Completes 4 years: फिल्म RRR की रिलीज के 4 साल पूरे होने पर एस.एस. राजामौली ने जूनियर एनटीआर के "कोमुरम भीमूडो" सीन को भारतीय सिनेमा की एक बेमिसाल और ऐतिहासिक परफॉर्मेंस बताया है। डायरेक्टर के अनुसार, एक ही फ्रेम में दर्द और देशभक्ति जैसी जटिल भावनाओं को उतारकर एनटीआर ने जो मानक स्थापित किए हैं, वे अब उनकी अगली फिल्म 'NTRxNeel' को लेकर दर्शकों का उत्साह और बढ़ा रहे हैं।

Shradha Tulsyanअपडेटेड Mar 24, 2026 पर 1:03 PM
RRR: "तारक जैसा कोई दूसरा नहीं कर सकता", 'RRR' की एनिवर्सरी पर एस. एस. राजामौली ने फिर की जूनियर एनटीआर की जमकर तारीफ

'RRR' को 25 मार्च को रिलीज के चार शानदार साल पूरे होने जा रहे हैं, और यह फिल्म आज भी दर्शकों के दिलों में बसी हुई है। यह सिर्फ अपने भव्य दृश्यों के लिए ही नहीं, बल्कि उन पलों के लिए भी जानी जाती है जिन्होंने सिनेमा में एक मिसाल कायम की। इन्हीं में से एक है "कोमुरम भीमूडो" का बेहद इमोशनल सीन, जिसमें जूनियर एनटीआर की परफॉर्मेंस ने उनके करियर को एक नई ऊंचाई दी और इसे आज भी भुलाया नहीं जा सकता।

उस पल के असर को बयां करते हुए, डायरेक्टर एस. एस. राजामौली ने एक बार बताया था कि वह सीन उनके लिए क्या मायने रखता है, ​"हाथ दिल पर रखकर अगर आप मुझसे पूछें कि क्या कोई ऐसा सीन है (जो मेरे दिल के बेहद करीब है), तो वह 'कोमुरम भीमूडो' ही है। मैं सच में कहूंगा कि भारतीय पर्दे पर ऐसा कोई दूसरा एक्टर नहीं है जो वह कर सके जो तारक (जूनियर एनटीआर) ने उस गाने में किया—दर्द दिखाना, धोखा दिखाना, मातृभूमि के प्रति समर्पण दिखाना, और वह भी अत्याचारी के सामने पलक तक झपकाए बिना।"

विज़नरी फिल्ममेकर ने आगे कहा, "सिर्फ इन सभी भावनाओं को दिखाना ही नहीं, बल्कि इन सबको एक ही शॉट और एक ही फ्रेम में उतार देना... यह एक्टिंग की मिसाल है। मुझे लगता है कि तारक ने वो हासिल कर लिया है जिसका कोई बहुत लंबे समय तक सपना भी नहीं देख सकता। यह सुनने में एक बहुत बड़ा बयान लग सकता है, लेकिन एक डायरेक्टर के तौर पर जब मैं देखता हूँ कि तारक ने 'कोमुरम भीमूडो' के लिए क्या किया, तो मेरा दिल गर्व से भर जाता है।"

राजामौली की ये बातें वही साबित करती हैं जो फैंस और क्रिटिक्स ने पहली बार बड़े पर्दे पर इस सीन को देखते हुए महसूस किया था। उस सीक्वेंस में जूनियर एनटीआर का कोमाराम भीम का किरदार सिर्फ एक्टिंग नहीं थी, वह भावनाओं का एक कच्चा और गहरा सैलाब था। एक ही फ्रेम में इतनी सारी भावनाओं को बिना अपनी इंटेंसिटी खोए पकड़ कर रखना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है, और उन्होंने इसे गजब के आत्मविश्वास के साथ निभाया।

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