बॉलीवुड के प्रसिद्ध कॉमेडियन राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। 1.5 करोड़ रुपये के डिमांड ड्राफ्ट जमा करने के बाद उन्हें अंतरिम जमानत दे दी गई। उनके वकील ने शिकायतकर्ता पर दुर्भावनापूर्ण इरादे का आरोप लगाते हुए कहा कि यह विवाद कभी पैसे का नहीं था।
मामला 2018 का है जब राजपाल ने मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को 9 करोड़ रुपये के कर्ज का चेक दिया। चेक बाउंस होने पर कंपनी ने धारा 138 के तहत केस दर्ज कराया। ट्रायल कोर्ट ने राजपाल और उनकी पत्नी को दोषी ठहराया, साथ ही 6 महीने की सजा सुनाई। फरवरी 2026 में हाईकोर्ट ने सरेंडर का आदेश दिया, जिसके बाद वे तिहाड़ जेल पहुंचे। 11 दिनों की कैद के दौरान सलमान खान, अजय देवगन जैसे सितारों ने आर्थिक मदद की पेशकश की।
16 फरवरी को सुनवाई में राजपाल के वकील ने 1.5 करोड़ जमा होने का हवाला दिया। कोर्ट ने पासपोर्ट जमा करने, बिना इजाजत विदेश न जाने और भतीजी की शादी (19 फरवरी) अटेंड करने की शर्त रखी। जमानत 18 मार्च तक वैध है। इसके साथ ही एक्टर के वकील ने कहा, 'शिकायतकर्ता ने जानबूझकर राजपाल को बदनाम करने की कोशिश की है। हम पूरा भुगतान करेंगे, लेकिन यह बदले की कार्रवाई लगती है।' उन्होंने यह भी दावा किया कि राजपाल ने हमेशा सेटलमेंट के लिए कोशिश की है।
राजपाल के भाई चंद्रपाल यादव ने कहा कि परिवार अब उम्मीद कर रहा है कि अभिनेता जल्द ही इस कानूनी लड़ाई से बाहर निकलेंगे। वहीं, वकील का बयान इस केस को एक नया मोड़ देता है, क्योंकि उन्होंने साफ कहा कि यह विवाद पैसों से कहीं ज्यादा व्यक्तिगत प्रतिशोध जैसा है।