भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और मलयालम फिल्मों के 'कंप्लीट एक्टर' कहे जाने वाले मोहनलाल ने अपनी पहचान और अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। बढ़ते डिजिटल खतरों और 'डीपफेक' तकनीक के दुरुपयोग को देखते हुए, उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मोहनलाल चाहते हैं कि उनके नाम, आवाज, चेहरे और उनके व्यक्तित्व से जुड़ी किसी भी चीज का इस्तेमाल उनकी अनुमति के बिना न किया जाए।
हाल ही में मोहनलाल ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने अपने 'पर्सनैलिटी राइट्स' के संरक्षण की मांग की है। न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की अदालत में इस मामले की सुनवाई होनी है। अभिनेता की चिंता का मुख्य कारण इंटरनेट पर एआई (AI) और डीपफेक के जरिए मशहूर हस्तियों की छवि बिगाड़ने की बढ़ती घटनाएं हैं।
आसान शब्दों में कहें तो 'पर्सनैलिटी राइट्स' एक व्यक्ति को यह अधिकार देते हैं कि वह अपनी पहचान (नाम, फोटो, आवाज या हस्ताक्षर) के व्यावसायिक उपयोग को नियंत्रित कर सके। इसके दो मुख्य पहलू होते हैं:
1. राइट ऑफ पब्लिसिटी: कोई भी कंपनी या व्यक्ति बिना अनुमति के किसी सेलिब्रिटी के नाम या चेहरे का इस्तेमाल विज्ञापन के लिए नहीं कर सकता।
2. राइट टू प्राइवेसी: यह व्यक्ति को गलत चित्रण, मॉर्फ्ड (छेड़छाड़ की गई) तस्वीरों और डीपफेक जैसे साइबर खतरों से बचाता है।
बॉलीवुड के नक्शेकदम पर मोहनलाल
मोहनलाल ऐसे पहले अभिनेता नहीं हैं जिन्होंने अपनी पहचान बचाने के लिए कानून का सहारा लिया है। उनसे पहले अमिताभ बच्चन, अनिल कपूर, अजय देवगन और अभिषेक बच्चन जैसे कलाकार भी दिल्ली हाई कोर्ट से इसी तरह के सुरक्षा आदेश (John Doe orders) प्राप्त कर चुके हैं। इन आदेशों के बाद, इंटरनेट पर मौजूद अनगिनत वेबसाइटों और सोशल मीडिया हैंडल्स को सेलिब्रिटी की अनुमति के बिना उनकी सामग्री का उपयोग करने से रोक दिया जाता है।
करियर का 'गोल्डन जुबली' साल और 'दृश्यम 3' का इंतजार
एक तरफ जहां मोहनलाल अपनी कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके फिल्मी करियर में बड़े धमाके होने वाले हैं। अभिनेता ने हाल ही में निर्देशक प्रियदर्शन के साथ अपनी 100वीं फिल्म की घोषणा की है, जिसे उन्होंने 'समर्पण की यात्रा' बताया है।
इसके अलावा, सबसे बड़ा उत्साह उनकी सुपरहिट फ्रेंचाइजी 'दृश्यम 3' (Drishyam 3) को लेकर है। यह फिल्म उनके जन्मदिन के मौके पर 21 मई 2026 को रिलीज होने वाली है। जीतू जोसेफ के निर्देशन में बन रही इस फिल्म का फैंस को बेसब्री से इंतजार है। तकनीक के इस दौर में मोहनलाल का यह कानूनी कदम न केवल उनके लिए, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक मिसाल है कि कैसे कलाकार अपनी मेहनत से बनाई गई पहचान को डिजिटल खतरों से सुरक्षित रख सकते हैं।