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ये कैंसर हर 8 मिनट में ले रहा एक महिला की जान! AIIMS की एक्सपर्ट डॉक्टर से जानिए इससे कैसे बचें

भारत में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की दर लगातार बढ़ती जा रही है। समय पर इलाज न मिलने से हर साल कई महिलाएं अपनी जान गवां देती हैं। AIIMS expert doctor से जानें इस जानलेवा कैंसर से बचने के लिए क्या करना चाहिए।

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Apr 18, 2026 पर 11:06 AM
ये कैंसर हर 8 मिनट में ले रहा एक महिला की जान! AIIMS की एक्सपर्ट डॉक्टर से जानिए इससे कैसे बचें
प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की डॉक्टर प्रोफेसर ज्योति मीणा ने कहा कि इस बीमारी में 40 की उम्र के बाद शरीर के इन खान संकेतों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

भारत में हर 8 मिनट में एक महिला सर्वाइकल कैंसर के कारण अपनी जान गंवा रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि 70-80% महिलाएं डॉक्टर के पास तब पहुंचती हैं जब कैंसर एडवांस स्टेज में होता है। डीडी न्यूज़ के 'टोटल हेल्थ पॉडकास्ट' में सर्वाइकल और एंडोमेट्रियल कैंसर पर ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) की प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की डॉक्टर प्रोफेसर ज्योति मीणा के साथ विशेष चर्चा की गई है।

इसमें उन्होंने बताया है कि इस बीमारी के संदर्भ में 40 की उम्र के बाद शरीर के किन संकेतों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। उन्होंने ये भी बताया कि कैसे जागरूकता और समय पर जांच से इन जानलेवा बीमारियों को रोका जा सकता है।

सर्वाइकल कैंसर: एचपीवी वैक्सीन क्यों है जरूरी?

एक्सपर्ट डॉक्टर के मुताबिक सर्वाइकल कैंसर मुख्य रूप से 'ह्यूमन पैपिलोमा वायरस' (HPV) के कारण होता है। एचपीवी वैक्सीन (HPV Vaccine) प्राइमरी बचाव का तरीका है। डॉ. ज्योति के अनुसार, 9 से 14 साल की बच्चियों को यह वैक्सीन लगाना सबसे अधिक प्रभावी है क्योंकि इस उम्र में इम्यून रिस्पांस सबसे अच्छा होता है। 30 साल से ऊपर की हर महिला को नियमित रूप से 'पैप स्मीयर' (Pap Smear) या एचपीवी टेस्ट कराना चाहिए।

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