आज की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में लोग अक्सर अपनी सेहत से जुड़ी छोटी-छोटी जरूरतों को नजरअंदाज कर देते हैं। ऑफिस की मीटिंग, लंबा ट्रैवल, ट्रैफिक या साफ वॉशरूम न मिलने की वजह से कई लोग घंटों तक पेशाब रोककर रखते हैं। कई बार यह आदत इतनी सामान्य लगने लगती है कि लोग इसे गंभीरता से लेना ही बंद कर देते हैं। खासकर महिलाएं और ट्रैवल करने वाले लोग पब्लिक टॉयलेट इस्तेमाल करने से बचते हैं, जिसकी वजह से यह समस्या और बढ़ जाती है। हालांकि डॉक्टरों के अनुसार लंबे समय तक यूरिन रोकना शरीर के लिए बिल्कुल सही नहीं माना जाता।
इसका असर धीरे-धीरे ब्लैडर, किडनी और यूरिनरी सिस्टम पर पड़ सकता है। यही कारण है कि रोजमर्रा की इस छोटी सी आदत को समय रहते सुधारना बेहद जरूरी माना जाता है, ताकि आगे चलकर बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सके।
मुंबई के सैफी हॉस्पिटल के यूरोलॉजिस्ट डॉ. मंगेश न्युज 18 से बात करते हुए बताते है कि, जब लंबे समय तक पेशाब रोका जाता है तो ब्लैडर पर दबाव बढ़ने लगता है। इससे पेट के निचले हिस्से में दर्द, जलन और यूरिन पास करने में दिक्कत हो सकती है। कई बार इससे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन यानी UTI का खतरा भी बढ़ जाता है।
महिलाओं में ज्यादा बढ़ सकता है खतरा
डॉक्टरों का कहना है कि महिलाएं सार्वजनिक टॉयलेट इस्तेमाल करने से बचती हैं, इसलिए कई घंटों तक यूरिन रोक लेती हैं। इससे बैक्टीरिया यूरिनरी ट्रैक्ट में ज्यादा समय तक बने रहते हैं और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा डिहाइड्रेशन और ब्लैडर में जलन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
लंबे समय तक पड़ सकता है असर
अगर ये आदत लगातार बनी रहे, तो ब्लैडर की मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं। इससे ब्लैडर पूरी तरह खाली नहीं हो पाता और अंदर यूरिन जमा रहने लगता है। जमा यूरिन की वजह से बार-बार इंफेक्शन और पथरी का खतरा बढ़ सकता है। कुछ मामलों में किडनी पर भी असर पड़ सकता है।
किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत?
डायबिटीज के मरीज, प्रेग्नेंट महिलाएं, बुजुर्ग, छोटे बच्चे और प्रोस्टेट की समस्या से जूझ रहे लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए। इन लोगों में यूरिन से जुड़ी समस्याएं जल्दी बढ़ सकती हैं।
कैसे रखें ब्लैडर को स्वस्थ?
डॉक्टरों के अनुसार दिनभर पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। हर 3 से 4 घंटे में पेशाब जरूर करें और लंबे सफर के दौरान साफ वॉशरूम का इस्तेमाल करें। जरूरत पड़ने पर सैनिटाइजर या टॉयलेट हाइजीन स्प्रे का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। छोटी-छोटी सावधानियां भविष्य में बड़ी समस्याओं से बचाने में मदद कर सकती हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।