जापान के लोग अपनी फिटनेस को किसी ट्रेंड की तरह नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आदत की तरह अपनाते हैं। कम उम्र से ही संतुलित दिनचर्या, एक्टिव लाइफस्टाइल और नियमित चलने की आदत उन्हें दूसरों से अलग बनाती है। यही कारण है कि वहां के लोग बिना जिम जाए भी लंबे समय तक फिट, चुस्त और स्लिम नजर आते हैं। उनकी सेहत का राज किसी भारी-भरकम वर्कआउट या मुश्किल एक्सरसाइज में नहीं, बल्कि पैदल चलने के एक खास और असरदार तरीके में छिपा है। इस तकनीक को आज जापानी वॉकिंग तकनीक के नाम से जाना जाता है। ये सामान्य वॉक से थोड़ी अलग होती है, लेकिन शरीर पर इसका असर कहीं ज्यादा होता है।
रोजाना की इस स्मार्ट वॉकिंग आदत से न सिर्फ वजन कंट्रोल में रहता है, बल्कि शरीर एक्टिव बना रहता है और मेटाबॉलिज्म भी बेहतर काम करता है। यही वजह है कि ये तकनीक अब दुनियाभर में तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
क्या है इंटरवल वॉकिंग ट्रेनिंग (IWT)?
इंटरवल वॉकिंग ट्रेनिंग यानी तेज और धीमी चाल को बारी-बारी से अपनाना। इसमें 3 मिनट तेज कदमों से चलना और अगले 3 मिनट आरामदायक गति से चलना शामिल होता है। ये 6 मिनट का एक चक्र बनता है, जिसे बार-बार दोहराया जाता है। इसी इंटरवल की वजह से सामान्य वॉक की तुलना में 2 से 3 गुना ज्यादा कैलोरी बर्न होती है और वजन तेजी से घटने लगता है।
30 मिनट की वॉक, लेकिन असर दमदार
ये कोई कठिन कसरत नहीं है। सिर्फ 30 मिनट की समझदारी भरी वॉक काफी है। शुरुआत 2–3 मिनट के वार्म-अप से करें। इसके बाद 3 मिनट तेज चाल से चलें, जिसमें स्पीड लगभग 70 प्रतिशत हो, कंधे पीछे रहें और पेट की मांसपेशियां टाइट रहें। फिर 3 मिनट धीमी चाल से चलकर शरीर को रिकवर होने दें। इस पैटर्न को करीब 5 बार दोहराया जाता है।
जापान की शिनशू यूनिवर्सिटी की एक स्टडी में पाया गया कि इस वॉकिंग तकनीक को अपनाने से 5 महीनों में 3 से 5 किलो तक फैट लॉस हुआ। इसी वजह से ये तरीका जापान के अलावा अब दूसरे देशों में भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
10 हजार कदम से ज्यादा असरदार क्यों?
सामान्य वॉक में कुछ समय बाद कैलोरी बर्न की रफ्तार धीमी हो जाती है, जबकि इंटरवल वॉकिंग में मेटाबॉलिज्म लगातार एक्टिव रहता है। डॉक्टरों के अनुसार ये पेट की चर्बी घटाने, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मददगार है। यही नहीं, कम समय में भी इसके अच्छे नतीजे देखने को मिलते हैं।
जापानी वॉक की सही शुरुआत कैसे करें?
जापानी वॉक की शुरुआत सुबह खाली पेट करना बेहतर माना जाता है। वॉक के दौरान स्मार्ट वॉच या मोबाइल ऐप से टाइम और स्पीड ट्रैक की जा सकती है। चलते समय रीढ़ सीधी रखें, कोर मसल्स एक्टिव रखें और सांस लेने का तरीका सही रखें—नाक से गहरी सांस लें और धीरे-धीरे बाहर छोड़ें। नियमित अभ्यास से पेट की चर्बी घटाने और ब्लड शुगर कंट्रोल करने में ये तकनीक बेहद असरदार साबित हो सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।