बदलते दौर में हमारी जीवनशैली और पर्यावरण ने स्वास्थ्य के मोर्चे पर कई गंभीर चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। कभी यह माना जाता था कि फेफड़ों का कैंसर (लंग कैंसर) केवल उन लोगों को होता है जो अत्यधिक धूम्रपान करते हैं या फिर जो ढलती उम्र के पड़ाव पर हैं। लेकिन हालिया चिकित्सा शोध और विशेषज्ञों की चिंता ने इस धारणा को पूरी तरह से बदल दिया है। दूरदर्शन के एक विशेष स्वास्थ्य कार्यक्रम में देश के शीर्ष कैंसर संस्थानों राजीव गांधी कैंसर संस्थान, दिल्ली स्टेट कैंसर संस्थान और एक्शन कैंसर अस्पताल के प्रख्यात ऑन्कोलॉजिस्ट्स ने इस बात पर गहरा सरोकार जताया है कि अब युवा और महिलाएँ भी तेजी से इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
