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Amoebic symptoms: केरल में 'दिमाग खाने वाले अमीबा' से दहशत! अब तक 20 लोगों की मौत, जानें- इस जानलेवा वायरस के क्या है लक्षण

Amoebic meningoencephalitis in Kerala: अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस एक दिमागी बुखार है। इसकी वजह से हाल के महीनों में केरल में लगभग 20 लोगों की जान चली गई है। मस्तिष्क ज्वर भले ही संक्रामक रोग न हो। लेकिन यह तेजी से फैल रहा है। तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, मलप्पुरम, त्रिशूर एवं पलक्कड़ समेत विभिन्न जिलों में इसके मामले सामने आ चुके हैं

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Sep 17, 2025 पर 6:17 PM
Amoebic symptoms: केरल में 'दिमाग खाने वाले अमीबा' से दहशत! अब तक 20 लोगों की मौत, जानें- इस जानलेवा वायरस के क्या है लक्षण
Amoebic meningoencephalitis in Kerala: प्राइमरी अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस (PAM) केरल में तेजी से फैल रहा है

Amoebic meningoencephalitis in Kerala: केरल में पिछले कुछ दिनों से एक नए वायरस प्राइमरी अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस (PAM) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे पूरे राज्य में कोरोना महामारी जैसा दहशत का माहौल है। अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस एक दिमागी बुखार है। यह संक्रमण नेग्लेरिया फाउलेरी के कारण होता है। इसे आमतौर पर 'ब्रेन इटिंग अमीबा' कहा जाता है। इसकी वजह से हाल के महीनों में केरल में लगभग 20 लोगों की जान चली गई है।

विपक्षी कांग्रेस की अगुवाई वाली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) ने बुधवार (17 सितंबर) को केरल सरकार पर निशाना साधा। सरकार पर अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस के प्रसार को लेकर वैज्ञानिक स्पष्टीकरण देने में विफल रहने का आरोप लगाया। यूडीएफ ने केरल विधानसभा में कहा कि मस्तिष्क ज्वर भले ही संक्रामक रोग न हो। लेकिन यह तेजी से फैल रहा है।

अब तक तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, मलप्पुरम, त्रिशूर एवं पलक्कड़ समेत विभिन्न जिलों में इसके मामले सामने आ चुके हैं। इस मामले पर स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए आईयूएमएल के एन शम्सुद्दीन ने कहा कि राज्य के लोग चिंतित हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग स्थिति को संभालने के लिए अब भी संघर्ष ही कर रहा है।

अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस क्या है?

अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस एक दुर्लभ और अक्सर घातक दिमागी संक्रमण है जो मुख्य रूप से दूषित पानी में तैरने या नहाने से होता है। एक अमेरिकी मैगजीन में प्रकाशित एक स्टडी रिपोर्ट का हवाला देते हुए यूडीएफ विधायक शम्सुद्दीन ने कहा कि यह एक दुर्लभ बीमारी है जो आमतौर पर अमीबा युक्त तालाब में नहाने वाले 26 लाख लोगों में से केवल एक को ही संक्रमित करती है।

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