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वेनेजुएला से जल्द ही आने वाला है 1.2 करोड़ बैरल कच्चा तेल, युद्ध के बीच भारत की बदलती रणनीति दिलाएगी संकट से राहत

Venezuela Oil: 28 फरवरी को ईरान पर हुए हमलों के बाद से पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध ने भारत की तेल आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है। ऐसे में वेनेजुएला का तेल भारत के लिए एक मजबूत विकल्प बनकर उभरा है। विशेषज्ञों का मानना है कि वेनेजुएला से तेल मंगाने का फैसला केवल युद्ध के प्रति एक प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि यह भारत की 'प्रोएक्टिव डायवर्सिफिकेशन' नीति का हिस्सा है

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Apr 07, 2026 पर 1:52 PM
वेनेजुएला से जल्द ही आने वाला है 1.2 करोड़ बैरल कच्चा तेल, युद्ध के बीच भारत की बदलती रणनीति दिलाएगी संकट से राहत
हालांकि, वेनेजुएला के तेल को प्रोसेस करना हर रिफाइनरी के बस की बात नहीं है

Venezuelan Oil: होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से भारत सहित पूरी दुनिया पर एनर्जी संकट छाया हुआ है। हालांकि, भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव किया है जिसका असर जल्द ही दिखने वाला है। लगभग एक साल के लंबे इंतजार के बाद, दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला से कच्चे तेल की खेप फिर से भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने वाली है। कमोडिटी एनालिटिक्स फर्म Kpler के अनुसार, इस महीने भारत को वेनेजुएला से करीब 1-1.2 करोड़ बैरल कच्चा तेल मिलने की उम्मीद है।

युद्ध के बीच 'बैकअप प्लान'

28 फरवरी को ईरान पर हुए हमलों के बाद से पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध ने भारत की तेल आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है। ऐसे में वेनेजुएला का तेल भारत के लिए एक मजबूत विकल्प बनकर उभरा है। विशेषज्ञों का मानना है कि वेनेजुएला से तेल मंगाने का फैसला केवल युद्ध के प्रति एक प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि यह भारत की 'प्रोएक्टिव डायवर्सिफिकेशन' नीति का हिस्सा है।

शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, तेल की कुछ खेप केरल के कोचीन पोर्ट पर उतरने वाली हैं, जो BPCL की रिफाइनरी को सप्लाई करती हैं। BPCL के चेयरमैन संजय खन्ना ने पहले ही स्पष्ट किया था कि कंपनी व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य किसी भी देश से तेल खरीदने के लिए तैयार है।

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