अखिलेश यादव जब 2012 में सत्ता में आए थे, तब उत्तर प्रदेश में 14,440 फैक्ट्रियां थीं। जब उन्होंने 2017 में सत्ता छोड़ी, तब राज्य में 15,294 फैक्ट्रियां हो गईं। वह पांच वर्ष सत्ता में रहे, लेकिन इस दौरान केवल 854 फैक्ट्रियाँ ही बढ़ीं। अगर इसको जिलेवार ढंग से देखा जाए तो प्रति जिला लगभग 11 फैक्ट्रियों का औसत आता है। इसके उलट योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री के बनने के बाद राज्य में फैक्ट्रियों की संख्या तेजी से बढ़ी। RBI की रिपोर्ट कहती है कि योगी सरकार के कार्यकाल में 2023-24 तक 6,847 फैक्ट्रियां जुड़ीं। 2023-24 तक फैक्ट्रियों की संख्या राज्य में 22,141 हो चुकी थी। 2024-25 और 2025-26 का डेटा सामने आने पर यह संख्या और भी बढ़ जाएगी। यह स्पष्ट तौर पर दिखाता है कि योगी सरकार की नीतियों के चलते निवेशक राज्य की तरफ़ आकर्षित हुए हैं, अधिक रिसर्च पर पूरा एक बड़ा रिसर्च पेपर तैयार हो सकता है।