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मर कर भी जिंदा हो गई 103 साल की बुजुर्ग महिला! मातम में पहुंचे लोग खुशी-खुशी केक खाकर लौटे

अंतिम संस्कार से ठीक पहले एक ऐसा पल आया, जिसने सबको हैरान कर दिया। परिवार के एक सदस्य की नजर गंगाबाई के पैरों पर पड़ी और उन्हें हल्की सी हरकत महसूस हुई। यह देख तुरंत सभी चौंक गए। जैसे ही नाक से रुई हटाई गई, गंगाबाई ने गहरी सांस ली। जिन्हें सब खो चुका मान रहे थे, वे जिंदा थीं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 14, 2026 पर 6:44 PM
मर कर भी जिंदा हो गई 103 साल की बुजुर्ग महिला! मातम में पहुंचे लोग खुशी-खुशी केक खाकर लौटे
मर कर भी जिंदा हो गई 103 साल की बुजुर्ग महिला! मातम में पहुंचे लोग खुशी-खुशी केक खाकर लौटे

महाराष्ट्र के नागपुर जिले के रामटेक से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां 103 साल की एक बुजुर्ग महिला ने मौत को ठीक आखिरी पल में मात दे दी। जिस महिला को परिवार मरा हुआ मान चुका था और जिसके अंतिम संस्कार की पूरी तैयारी हो गई थी, वह अचानक जिंदा हो गई। यह घटना किसी चमत्कार से कम नहीं मानी जा रही है। महिला का नाम गंगाबाई साखरे है। सोमवार शाम को उनके शरीर में कोई हरकत नहीं दिखी, सांस भी चलती हुई महसूस नहीं हुई। परिवार को लगा कि गंगाबाई अब इस दुनिया में नहीं रहीं। इसके बाद घर में मातम छा गया और रिश्तेदारों को उनके निधन की सूचना दे दी गई।

मंगलवार सुबह अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हुई। गंगाबाई को नई साड़ी पहनाई गई, हाथ-पैर बांधे गए और परंपरा के अनुसार नाक में रुई रखी गई। दूर-दराज से रिश्तेदार अंतिम दर्शन के लिए घर पहुंचने लगे। माहौल पूरी तरह गमगीन था।

लेकिन अंतिम संस्कार से ठीक पहले एक ऐसा पल आया, जिसने सबको हैरान कर दिया। परिवार के एक सदस्य की नजर गंगाबाई के पैरों पर पड़ी और उन्हें हल्की सी हरकत महसूस हुई। यह देख तुरंत सभी चौंक गए। जैसे ही नाक से रुई हटाई गई, गंगाबाई ने गहरी सांस ली। जिन्हें सब खो चुका मान रहे थे, वे जिंदा थीं।

पल भर में घर का माहौल बदल गया। रोना-धोना खुशी में बदल गया। श्मशान ले जाने के लिए मंगाई गई गाड़ी वापस भेज दी गई और शोक के लिए लगाया गया पंडाल हटा दिया गया। पड़ोसियों ने गंगाबाई को “चलता-फिरता चमत्कार” कहना शुरू कर दिया।

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