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राघव चड्ढा नहीं, असली झटका संदीप पाठक का जाना? केजरीवाल की बढ़ी टेंशन, हिल गई AAP की नींव!

संदीप पाठक सिर्फ सांसद ही नहीं थे, बल्कि पार्टी के सबसे अहम फैसले लेने वाले ग्रुप का हिस्सा थे। 2022 में उन्हें नेशनल जनरल सेक्रेटरी बनाया गया और वे पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी में भी शामिल थे। संदीप पाठक वो व्यक्ति थे, जो पर्दे के पीछे रहकर पूरी रणनीति बनाते थे। खासकर पंजाब में, जहां अभी AAP की सरकार है, वहां उनकी भूमिका बेहद अहम थी

Curated By: Shubham Sharmaअपडेटेड Apr 25, 2026 पर 4:18 PM
राघव चड्ढा नहीं, असली झटका संदीप पाठक का जाना? केजरीवाल की बढ़ी टेंशन, हिल गई AAP की नींव!
राघव चड्ढा नहीं, असली झटका संदीप पाठक का जाना? केजरीवाल की बढ़ी टेंशन, हिल गई AAP की नींव!

आम आदमी पार्टी (AAP) को 7 राज्यसभा सांसदों के एक साथ जाने से बड़ा झटका लगा है, लेकिन पार्टी के अंदर माना जा रहा है कि सबसे ज्यादा नुकसान संदीप पाठक के जाने से हुआ है। जहां राघव चड्ढा के बीजेपी में जाने से पार्टी की इमेज पर असर पड़ा है, वहीं संदीप पाठक का जाना पार्टी की अंदरूनी ताकत को कमजोर करने वाला माना जा रहा है।

पर्दे के पीछे का बड़ा खिलाड़ी

संदीप पाठक कोई बड़ा चेहरा नहीं थे, लेकिन पार्टी के “मास्टरमाइंड” माने जाते थे। उन्होंने पंजाब में AAP को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत के पीछे उनकी रणनीति, सर्वे और ग्राउंड लेवल प्लानिंग का बड़ा हाथ था।

यही वजह है कि उनका जाना सिर्फ एक सांसद का जाना नहीं, बल्कि पार्टी की रणनीतिक सोच को बड़ा झटका है।

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