एक्टर श्रेयस तलपड़े-आलोक नाथ समेत 46 लोगों पर 100 करोड़ की ठगी का आरोप, FIR दर्ज
Dehradun: (CBI) ने अभिनेता श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ समेत 46 लोगों के खिलाफ राज्य में कई लोगों को उनके निवेश पर उच्च रिटर्न का वादा करके लगभग 100 करोड़ रुपये की ठगी करने का मामला दर्ज किया है। तलपड़े और नाथ धोखाधड़ी वाली निवेश कंपनी के ब्रांड एंबेसडर थे।
एक्टर श्रेयस तलपड़े-आलोक नाथ समेत 46 लोगों पर 100 करोड़ की ठगी का आरोप, FIR दर्ज
Dehradun: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अभिनेता श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ समेत 46 लोगों के खिलाफ राज्य में कई लोगों को उनके निवेश पर उच्च रिटर्न का वादा करके लगभग 100 करोड़ रुपये की ठगी करने का मामला दर्ज किया है। तलपड़े और नाथ धोखाधड़ी वाली निवेश कंपनी, लोनी अर्बन मल्टी-स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी के ब्रांड एंबेसडर थे, जिसने कथित तौर पर न केवल उत्तराखंड में, बल्कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र सहित कुछ अन्य राज्यों में भी निवेशकों को ठगा।
CBI की देहरादून शाखा ने 26 नवंबर को यह मामला दर्ज किया। यह केस उन 18 FIR को मिलाकर बनाया गया है, जो पिछले कुछ सालों में उत्तराखंड पुलिस ने इस घोटाले के पीड़ितों की शिकायतों पर दर्ज की थीं।
यह FIR, जिसकी एक कॉपी मीडिया को मिली है, उत्तराखंड हाई कोर्ट द्वारा 17 सितंबर को इस मामले पर दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिए गए आदेश के अनुपालन में दर्ज की गई है।
हाई कोर्ट ने CBI को दिए जांच के आदेश
FIR में कहा गया है "हाई कोर्ट ने CBI को उत्तराखंड में उक्त कंपनी से संबंधित सभी आपराधिक मामलों की जांच अपने हाथ में लेने का निर्देश दिया है। क्योंकि पुलिस में दर्ज सभी मामलों में आरोपों की प्रकृति एक जैसी है, इसलिए इन्हें एक ही CBI FIR में शामिल किया जा रहा है।
यह FIR धोखाधड़ी और बेईमानी, आपराधिक विश्वासघात, संगठित अपराध, जालसाजी और अन्य आरोपों पर बीएनएस, आईपीसी, अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध (BUDS) और UPID एक्ट की धाराओं के तहत दर्ज हुआ है।
तलपड़े और आलोकनाथ समेत 46 आरोपी शामिल
तलपड़े और आलोकनाथ के अलावा, CBI की प्राथमिकी में कंपनी के मालिक समीर अग्रवाल, इसके अध्यक्ष दिनेश सिंह, निदेशक विनीता भट्ट और एक वित्तीय सेवा फर्म के लोकप्रिय वित्तीय सलाहकार और सीएमडी आरके शेट्टी सहित 46 आरोपियों के नाम भी शामिल हैं।
बता दें कि पुलिस जांच के दौरान पहले से दर्ज 18 मामलों में से 10 में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
अधिकारी ने दी जानकारी
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "जांच के दौरान, यह पाया गया कि कंपनी ने 2019 में उत्तराखंड में अपना कारोबार शुरू किया था। बाद में, इसने लोगों को अपनी निवेश योजनाओं पर आकर्षक रिटर्न का लालच देने के लिए राज्य भर में 35 शाखाएं खोलीं। धोखाधड़ी वाली योजना में ज्यादातर निवेशक गृहिणियां और कामकाजी महिलाएं थीं जिन्होंने योजनाओं में अपना पैसा लगाया था।
अधिकारी ने आगे बताया कि यह भी संदेह है कि कंपनी ने यूपी और राजस्थान सहित अन्य राज्यों में लोगों को ठगा है।
बागपत थाने में 22 लोगों के खिलाफ दर्ज की गई थी FIR
गौरतलब है कि अक्टूबर में बागपत थाने में करोड़ों रुपये के निवेश धोखाधड़ी मामले में तलपड़े और नाथ समेत 22 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। 500 से ज्यादा निवेशकों ने शिकायत की थी कि लोनी अर्बन मल्टी-स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी ने उन्हें 5 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी का शिकार बनाया, जिसने उन्हें 5 साल में पैसा दोगुना करने का वादा किया था।
इस बीच, सितंबर में UKSSSC स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक से जुड़े एक अन्य मामले में, सीबीआई ने शुक्रवार को एक सहायक प्रोफेसर को इस अपराध में कथित तौर पर सहयोग करने के आरोप में गिरफ्तार किया। वह टिहरी गढ़वाल के एक सरकारी कॉलेज में कार्यरत हैं।