फ्रांस के अधिकारियों ने बुधवार को बौर्डिओक्स पोर्ट पर खड़े एक क्रूज जहाज में सवार 1,700 से ज्यादा यात्रियों और क्रू मेंबर्स को जहाज के अंदर ही रोक दिया। यह कदम एक यात्री की संदिग्ध नोरोवायरस संक्रमण से मौत के बाद उठाया गया। Ambassador Cruise Line के जहाज Ambition में कुल 1,233 यात्री सवार थे, जिनमें ज्यादातर ब्रिटेन और आयरलैंड के थे।
स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, 90 साल एक यात्री की मौत हो गई, जबकि करीब 50 लोगों में नोरोवायरस जैसे लक्षण पाए गए। नोरोवायरस एक बेहद तेजी से फैलने वाला पेट का संक्रमण है, जिससे उल्टी और दस्त जैसी दिक्कतें होती हैं।
यह जहाज 6 मई को शेटलैंड द्वीप से रवाना हुआ था और बेलफास्ट, लिवरपूल और ब्रेस्ट में रुकने के बाद बॉरदॉ पहुंचा था। इसके बाद जहाज को स्पेन जाना था।
हाल के सालों में क्रूज जहाजों पर नोरोवायरस के मामले लगातार सामने आते रहे हैं, क्योंकि जहाजों में लोग एक-दूसरे के बहुत करीब रहते हैं। इसी महीने अमेरिका में Caribbean Princess क्रूज शिप पर भी 100 से ज्यादा यात्री और क्रू सदस्य बीमार पड़ गए थे।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह वायरस संक्रमित भोजन, पानी, सतहों या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से तेजी से फैलता है। इसके लक्षण 12 से 48 घंटे के भीतर दिखाई दे सकते हैं, जिनमें पेट दर्द, मतली, बुखार, उल्टी और दस्त शामिल हैं।
ऐसे मामलों में क्रूज कंपनियां आमतौर पर सफाई और सैनिटाइजेशन बढ़ा देती हैं और संक्रमित लोगों को अलग रखती हैं, ताकि संक्रमण ज्यादा न फैले।
क्रूज पर हंतावायरस का प्रकोप?
हाल ही में क्रूज शिप एमवी होंडियस (MV Hondius) पर हंतावायरस का प्रकोप फैला था। अब तक कुल 11 लोग बीमार पड़े हैं, जिनमें से 9 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। 8 मई तक की रिपोर्ट में 8 मामले (6 पुष्ट और 2 संभावित) दर्ज थे। इस वायरस से अब तक 3 लोगों की मृत्यु हो चुकी है।
मरने वालों में एक डच जोड़ा और जर्मनी की एक महिला शामिल बताई गई है। क्रूज पर सवार चालक दल के दो भारतीय नागरिक भी इस वायरस की चपेट में आए थे। हालांकि, ICMR ने स्पष्ट किया है कि भारत को फिलहाल इससे कोई तत्काल खतरा नहीं है।
माना जा रहा है कि संक्रमण की शुरुआत दक्षिण अमेरिका (अर्जेंटीना) की यात्रा के दौरान हुई। जांच में पाया गया कि सबसे पहले संक्रमित होने वाले व्यक्ति को जहाज पर चढ़ने से पहले ही वायरस का संपर्क हुआ होगा (शायद बर्डवॉचिंग जैसी गतिविधियों के दौरान)।
पुष्ट मामलों में हंतावायरस का एंडीज स्ट्रेन (ANDV) पाया गया है। यह हंतावायरस का एकमात्र ऐसा स्ट्रेन है जिसमें इंसान से इंसान में संक्रमण फैलने की सीमित क्षमता होती है।