Ahmedabad News: बेटे की सुपारी देने वाली मां को ही किलर ने उतारा मौत के घाट, ऐसे खुला राज

Ahmedabad Crime News: बता दें कि, ये मामला परिवार के अंदर चल रहे संपत्ति विवाद से जुड़ा था, जहां शकुंतला यादव ने अपने छोटे बेटे अमित यादव के साथ मिलकर बड़े बेटे को हटाने की साजिश रची। इसके लिए उन्होंने अजय मिश्रा नाम के एक व्यक्ति को सुपारी दी, जो एक अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड था और परिवार के संपर्क में पहले से था

अपडेटेड Mar 22, 2026 पर 6:14 PM
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Ahmedabad Crime News: गुजरात के अहमदाबाद से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है।

Ahmedabad Crime News: गुजरात के अहमदाबाद से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपने ही बेटे की हत्या करवाने के लिए एक सुपारी किलर को पैसे देकर हायर किया, लेकिन हालात ऐसे बदले कि उसी किलर ने महिला की ही जान ले ली। वारदात के बाद आरोपी अजय मिश्रा मौके से नकदी और सोना लेकर फरार हो गया और करीब पांच साल तक पुलिस से बचता रहा। अब अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने उसे नरोडा इलाके से पकड़ लिया है। उसकी गिरफ्तारी के साथ ही साल 2021 में छत्तीसगढ़ के रायपुर में हुई हत्या और लूट की पुरानी गुत्थी भी सुलझ गई है।

मां को ही किलर ने उतारा मौत के घाट

बता दें कि, ये मामला परिवार के अंदर चल रहे संपत्ति विवाद से जुड़ा था, जहां शकुंतला यादव ने अपने छोटे बेटे अमित यादव के साथ मिलकर बड़े बेटे को हटाने की साजिश रची। इसके लिए उन्होंने अजय मिश्रा नाम के एक व्यक्ति को सुपारी दी, जो एक अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड था और परिवार के संपर्क में पहले से था। चार लाख रुपये में सौदा तय हुआ था, जिसमें एक लाख रुपये एडवांस भी दे दिए गए थे। लेकिन मिश्रा ने काम पूरा नहीं किया और अपने गांव भाग गया। जब शकुंतला और अमित ने उसे ढूंढकर पैसे वापस मांगे, तो उसने लौटाने का वादा किया, मगर कई महीनों बाद जब वह वापस आया, तो उसके इरादे कुछ और ही थे।


पुलिस के मुताबिक, अजय मिश्रा अपने साथी केतन तिवारी के साथ रायपुर में शकुंतला यादव के घर पहुंचा, जहां वह उस समय अकेली थी। इसी दौरान दोनों ने अपनी पहले की योजना बदल दी और बड़े बेटे को नुकसान पहुंचाने के बजाय शकुंतला को ही निशाना बनाने का फैसला कर लिया। आरोप है कि उन्होंने रस्सी से गला घोंटकर उस बुजुर्ग महिला की हत्या कर दी और वहां से करीब 10 लाख रुपये नकद और 350 से 450 ग्राम तक सोने के गहने लेकर फरार हो गए। बाद में चोरी किए गए सोने को बेच दिया गया।

पांच साल बाद खुला मामला 

गिरफ्तारी से बचने के लिए अजय मिश्रा ने अपनी पहचान पूरी तरह छिपा ली थी। उसने मोबाइल फोन का इस्तेमाल बंद कर दिया और पैन व आधार जैसे दस्तावेजों से भी दूरी बना ली, ताकि उसका कोई रिकॉर्ड सामने न आए। वह लगातार जगह बदलता रहा और आखिरकार 2022 में अहमदाबाद के नरोडा इलाके में आकर चुपचाप रहने लगा। लंबे समय तक चली जांच और मिली नई जानकारी के आधार पर अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने आखिर उसे ढूंढकर गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही करीब पांच साल से फरार चल रहे मिश्रा की कहानी खत्म हुई। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई जारी है और बाकी आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।

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