Air India CEO Resigns: एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने दिया इस्तीफा, अब किसे मिलेगी टाटा ग्रुप एयरलाइन की कमान?

Air India CEO Resigns: रिपोर्ट के अनुसार, एयर इंडिया के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) कैंपबेल विल्सन ने इस्तीफा दे दिया है। फिलहाल, जब तक उनका कोई उत्तराधिकारी नहीं मिल जाता, तब तक वे टाटा ग्रुप की एयरलाइन कंपनी में बने रहेंगे। एयरलाइन को इस वक्त ईरान युद्ध के कारण रिकॉर्ड घाटे का सामना करना पड़ रहा है

अपडेटेड Apr 07, 2026 पर 7:26 AM
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Air India CEO Resigns: एयर इंडिया के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) कैंपबेल विल्सन ने इस्तीफा दे दिया है

Air India CEO Resigns: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टाटा ग्रुप की एयरलाइन एयर इंडिया के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) कैंपबेल विल्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, जब तक उनका कोई उत्तराधिकारी नहीं मिल जाता, तब तक वे पद पर बने रहेंगे। कैंपबेल विल्सन की विदाई ऐसे समय हुई है जब Air India पश्चिम एशिया संकट और पिछले साल अहमदाबाद में हुए विमान हादसे के बाद बढ़ी हुई जांच-पड़ताल के बीच लगातार घाटे का सामना कर रही है। अहमदाबाद विमान हादसे में 260 से अधिक लोगों की जान चली गई थी।

सूत्रों ने Hindustan Times को बताया कि विल्सन का इस्तीफा पिछले सप्ताह बोर्ड की एक बैठक में मंजूर कर लिया गया था। इस मामले से जुड़े एक व्यक्ति ने अखबार को बताया, "वे तब तक सिस्टम में बने रहेंगे जब तक बोर्ड को उनका उत्तराधिकारी नहीं मिल जाता ताकि बदलाव की प्रक्रिया आसानी से पूरी हो सके।" कैंपबेल का कार्यकाल सितंबर 2027 में खत्म होने वाला था। इस मामले पर Air India की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

रिपोर्ट के अनुसार, कैंपबेल के उत्तराधिकारी की तलाश इसी साल जनवरी में शुरू हुई थी। कैंपबेल ने अपना कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद आगे काम न करने की इच्छा जाहिर की थी। वे सितंबर 2022 में पांच साल के कॉन्ट्रैक्ट पर एयरलाइन में शामिल हुए थे। उसी साल जनवरी में Air India का निजीकरण किया गया था।


Air India की चुनौतियां

कैंपबेल विल्सन का इस्तीफा ऐसे समय लिया गया है जब एयरलाइन कई चुनौतियों का सामना कर रही है। इनमें ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध के चलते हवाई क्षेत्र पर लगी पाबंदियां और बढ़ती ऑपरेशनल लागत शामिल हैं। इस युद्ध की वजह से एयरलाइन को लंबे रास्तों से उड़ान भरनी पड़ रही है। इसमें ईंधन भरने के लिए बीच में रुकना पड़ता है। इससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर ऑपरेशनल लागत में काफी बढ़ोतरी हुई है।

अहमदाबाद विमान हादसे के बाद जांच के घेरे में एयरलाइन

Air India को 12 जून, 2025 को अहमदाबाद में हुए विमान हादसे के बाद रेगुलेटरी जांच-पड़ताल का भी सामना करना पड़ रहा है। इस हादसे में विमान में सवार और जमीन पर मौजूद कुल 260 लोगों की जान चली गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Air India को इस साल रिकॉर्ड घाटा होने का अनुमान है। यह वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर 20,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

HT ने बिना नाम बताए एयर इंडिया से जुड़े एक जानकार के हवाले से बताया, "एयरलाइन को ऐसे व्यक्ति की तलाश करनी चाहिए जिसकी साख मजबूत हो...। जिसे एक जटिल फुल-सर्विस कैरियर को चलाने का वैश्विक अनुभव हो। या फिर कम लागत वाली उड़ानों (Air India Express के लिए) से परिचित हो। साथ ही जिसकी रिटायरमेंट में पांच साल से कम का समय बचा हो।"

Wilson की जगह कौन लेगा?

रिपोर्ट में कहा गया है कि एयर इंडिया विल्सन की जगह लेने वाले उम्मीदवारों के साथ बातचीत के एडवांस स्टेज में है। इस संबंध में अगले सप्ताह एक अहम मीटिंग होनी है। हालांकि, अब तक विल्सन की जगह लेने के लिए किसी भी उम्मीदवार का नाम सामने नहीं आया है। एक सूत्र ने अखबार को बताया, "AI 171 की क्रैश रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद ही नए व्यक्ति (एयर इंडिया के CEO) के आने की उम्मीद है।"

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एयर इंडिया अकेली ऐसी एयरलाइन नहीं है जहां लीडरशिप में बदलाव देखने को मिला है। भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo ने भी 10 मार्च को घोषणा की थी कि CEO पीटर एल्बर्स ने निजी कारणों से तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनकी जगह ब्रिटिश एयरवेज के पूर्व प्रमुख विलियम वॉल्श ने ली। फिलहाल, एयर इंडिया के आधिकारिक बयान का इंतजार है।

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