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Air India Plane Crash: 12 जून टाटा ग्रुप के इतिहास के सबसे काले दिनों में से एक, ब्रिटेन और US से भी जांच दल पहुंचा अहमदाबाद- एन चंद्रशेखरन

टाटा समूह समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लेता है और इसमें कल जो हुआ, उसके बारे में खुलकर बात करना भी शामिल है। हमारे चारों ओर बहुत सी अटकलें हैं। उनमें से कुछ सही हो सकती हैं, कुछ गलत भी हो सकती हैं। मैं धैर्य रखने का आग्रह करना चाहता हूं

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Jun 13, 2025 पर 6:56 PM
Air India Plane Crash: 12 जून टाटा ग्रुप के इतिहास के सबसे काले दिनों में से एक, ब्रिटेन और US से भी जांच दल पहुंचा अहमदाबाद- एन चंद्रशेखरन
अभी शब्दों से सांत्वना नहीं मिल सकती, लेकिन मेरी संवेदनाएं दुर्घटना में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिवारों और प्रियजनों के साथ हैं।

एयर इंडिया के प्लेन के साथ 12 जून को हुए दर्दनाक हादसे की जांच को लेकर टाटा समूह ने पूरी पारदर्शिता का वादा किया है। भारत, ब्रिटेन और अमेरिका की टीमें इस दुर्घटना की जांच शुरू कर रही हैं। इस बीच टाटा संस और एयर इंडिया के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन (N Chandrasekaran) ने कहा है कि टाटा ग्रुप अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटेगा। ग्रुप इस नुकसान को सहन करेगा और इस हादसे को नहीं भूलेगा।

12 जून को दोपहर 1.38 बजे अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही पलों बाद एयरपोर्ट के पास मेघाणी नगर इलाके में क्रैश हो गई। इसमें चालक दल के 10 सदस्यों सहित 242 लोग सवार थे। प्लेन बीजे मेडिकल कॉलेज एवं सदर अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों के हॉस्टल, और आवासीय क्वार्टरों के ऊपर दुर्घटनाग्रस्त हुआ। हादसे में 241 यात्रियों सहित 265 लोगों की मौत हो गई। गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की भी एयर इंडिया प्लेन क्रैश में मौत हो गई है।

'अभी शब्दों से सांत्वना नहीं मिल सकती..'

एन चंद्रशेखरन, जिन्हें एन चंद्रा भी कहा जाता है, ने सहकर्मियों को लिखे एक लेटर में कहा, 'यह बहुत मुश्किल वक्त है। कल जो हुआ, वह समझ से परे है और हम सदमे और शोक में हैं। एक ऐसे व्यक्ति को खोना जिसे हम जानते हैं, एक त्रासदी है, लेकिन एक साथ इतनी सारी मौतें होना समझ से परे है। यह टाटा समूह के इतिहास के सबसे काले दिनों में से एक है। अभी शब्दों से सांत्वना नहीं मिल सकती, लेकिन मेरी संवेदनाएं दुर्घटना में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिवारों और प्रियजनों के साथ हैं। हम उनके लिए यहां हैं। मैं यह कहना चाहता हूं कि, आप की तरह, हम भी समझना चाहते हैं कि क्या हुआ। हमें अभी नहीं पता, लेकिन हम जान जाएंगे। आप जानते हैं कि पिछले 24 घंटों में भारत, यूके और यूएस से जांच दल दुर्घटना की जांच करने के लिए अहमदाबाद पहुंच चुके हैं। उन्हें हमारा पूरा सहयोग है और हम निष्कर्षों के बारे में पूरी तरह से पारदर्शी रहेंगे।'

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