बारामती से उठी एक चौंकाने वाली कहानी ने राजनीति और समाज दोनों में हलचल मचा दी है। दावा किया जा रहा है कि अजित पवार को निशाना बनाने के लिए ‘काला जादू’ किया गया। इस दावे ने पूरे मामले को रहस्य, डर और सियासी रंग दे दिया है। लोग अब सवाल उठा रहे हैं- क्या ये महज इत्तेफाक है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है? महाराष्ट्र के कद्दावर नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन 28 जनवरी 2026 को एक विमान हादसे में हुआ था।
काली बकरी और ‘अघोरी पूजा’ की कहानी
मामले को और सनसनीखेज बनाता है एक अजीब दावा- पेड़ पर उल्टी लटकी काली बकरी और उसके साथ कथित अघोरी पूजा। इन बातों ने अफवाहों को और हवा दे दी है। हालांकि, सच और अंधविश्वास के बीच की लकीर यहां काफी धुंधली नजर आती है।
NCP नेता के दावे से बढ़ा विवाद
इस पूरे मामले को तूल दिया NCP नेता अमोल मिटकरी के बयान ने। उन्होंने कहा कि बारामती में ही किसी ने अजित पवार के खिलाफ काला जादू करवाया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें और स्थानीय लोगों के हवाले से कई बातें साझा कीं, जिससे मामला और ज्यादा संवेदनशील हो गया।
मिटकरी के मुताबिक, जिस जगह पर पवार के आने की योजना थी, वहां आधी रात को अघोरी पूजा हुई। उनका दावा है कि यह किसी बाहरी व्यक्ति का काम नहीं, बल्कि बारामती के ही किसी व्यक्ति ने यह करवाया। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है।
जहां एक तरफ जांच एजेंसियां सबूतों के आधार पर सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ नेता और विशेषज्ञ इन दावों को महज अंधविश्वास बता रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे दावे समाज में डर और भ्रम फैलाते हैं, खासकर महाराष्ट्र जैसे एक प्रगतिशील राज्य में।
फिलहाल आधिकारिक तौर पर इसे लेकर कुछ नहीं कहा गया है। क्योंकि ये सिर्फ दावा और उसकी पुष्टि हम भी नहीं करते। लेकिन इतना जरूर है कि ऐसे आरोप या दावे किसी भी संवेदनशील घटना या माहौल को और ज्यादा उलझा सकते हैं।
कैसे हुई अजित पवार की मौत?
अजित पवार 'Learjet 45' विमान से यात्रा कर रहे थे। विमान मुंबई से उड़ान भरने के बाद बारामती हवाई अड्डे पर लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया।
इस क्रैश में अजित पवार के साथ विमान में सवार सभी 5 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें चालक दल के दो सदस्य और उनके निजी कर्मचारी शामिल थे।
शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, खराब विजिबिलिटी या तकनीकी खराबी को हादसे की वजह माना गया था। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इस मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए थे।