बारामती में हुए विमान हादसे में महाराष्ट्र के डिप्टी CM और NCP नेता अजित पवार की जान चली गई, जिसमें पांच लोग मारे गए। इनमें कैप्टन सुमित कपूर भी शामिल हैं। हालांकि, अब एक ऐसी चौंकाने वाली जानकारी सामने आई, जिसने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए है। पायलट सुमित कपूर के उनके दोस्तों की मानें, तो उन्हें विमान उड़ाने की अनुमति ही नहीं थी। ऐसा दावा किया गया है कि असल में अजित पवार का विमान किसी और पायलट को उड़ाना, जो उस वक्त ट्रैफिक में फंस गया था, जिसकी जगह सुमित को ये फ्लाइट उड़ाने का ऑर्डर मिला।
NDTV ने एक रिपोर्ट में बताया कि दिल्ली में सुमित के अंतिम संस्कार के दौरान उनके दोस्तों ने बताया कि वह कुछ दिन पहले ही हांगकांग से लौटे थे और दुखद हादसे से सिर्फ कुछ घंटे पहले ही उन्हें अजित पवार के साथ विमान को बारामती ले जाने का आदेश मिला था।
उन्हें पवार को मुंबई से उनके गृह नगर बारामती में चुनावी रैलियों के लिए हवाई जहाज से ले जाना था। सुबह करीब 8 बजे, कपूर ने लेयरजेट 45 विमान में अजित पवार और तीन उन्य लोगों को लेकर उड़ान भरी। ये विमान दिल्ली की VSR वेंचर का था।
यह दुर्घटना सुबह करीब 8:45 बजे बारामती एयरपोर्ट पर दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश के दौरान हुई। इस दुर्घटना में कपूर, उनकी को-पायलट कैप्टन शम्भावी पाठक, फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली और अजित पवार के सुरक्षा गार्ड विदिप जाधव समेत विमान में सवार सभी पांचों लोगों की मौत हो गई।
NDTV ने सूत्रों के हवाले से बताया कि दुर्घटना की शुरुआती जांच से संकेत मिलता है कि खराब विजिबिलिटी के बीच लैंडिंग करते समय "पायलट से शायद चूक" हुई थी। उन्होंने यह भी बताया कि तकनीकी खामियों की भी जांच की जा रही है।
हालांकि, उनके दोस्तों का दावा था कि कपूर को विमान उड़ाने का लंबा अनुभव था और उनसे गलती होने की संभावना बेहद कम थी। पायलट के दोस्तों ने दुर्घटना की उचित जांच की भी मांग की।
उन्हें याद करते हुए, उनके दोस्तों ने उन्हें एक "बहुत दयालु" व्यक्ति बताया, जिन्हें विमान उड़ाना किसी भी चीज से ज्यादा पसंद था।
कपूर के परिवार के बारे में बात करते हुए, उन्होंने बताया कि उनके बेटे और दामाद दोनों पायलट हैं। उनके बेटे और बेटी दोनों शादीशुदा हैं। उनका एक भाई भी है, जो गुरुग्राम में व्यवसायी है।
कपूर के दोस्त सचिन तनेजा ने बताया कि उनके कलाई पर बंधे ब्रेसलेट से उनके शव की पहचान हुई। एक दूसरे दोस्त नरेश तनेजा ने कहा कि दुर्घटना की खबर सुनकर किसी को भी विश्वास नहीं हुआ कि कपूर की मौत हो गई है।
पायलट के दोस्त जीएस ग्रोवर ने बताया कि हांगकांग से लौटने के बाद कपूर ने उनसे काफी देर तक बात की थी और उन्हें अपने स्वास्थ्य का खास ध्यान रखने की सलाह दी थी।