'हम दुनिया के लिए बनाएंगे डॉक्टर और वैज्ञानिक', वनतारा यूनिवर्सिटी के आगाज पर अनंत अंबानी बोले- 'जामनगर में बनेगा वाइल्डलाइफ साइंस का ग्लोबल हब'

Vantara University: यूनिवर्सिटी के शिलान्यास समारोह में अनंत अंबानी ने अपने संबोधन को केवल एक संस्थान की शुरुआत नहीं, बल्कि एक सभ्यतागत परियोजना के रूप में पेश किया। अनंत अंबानी ने कहा, 'यह इस ग्रह के लिए हमारा 1,000 साल का विजन है'

अपडेटेड Apr 12, 2026 पर 12:26 PM
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उन्होंने वन्यजीव संरक्षण को केवल एक काम नहीं, बल्कि एक 'पीढ़ीगत जिम्मेदारी' बताया

Anant Ambani: रिलायंस इंडस्ट्रीज के कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी ने गुजरात के जामनगर में 'वनतारा यूनिवर्सिटी' की नींव रखकर वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत की है। इसे दुनिया का पहला ऐसा विश्वविद्यालय बताया जा रहा है जो पूरी तरह से वन्यजीव संरक्षण और पशु चिकित्सा विज्ञान के लिए समर्पित होगा।

आने वाली पीढ़ियों के लिए नई पहल

यूनिवर्सिटी के शिलान्यास समारोह में अनंत अंबानी ने अपने संबोधन को केवल एक संस्थान की शुरुआत नहीं, बल्कि एक सभ्यतागत परियोजना के रूप में पेश किया। अनंत अंबानी ने कहा, 'यह इस ग्रह के लिए हमारा 1,000 साल का विजन है।' उन्होंने जोर दिया कि संरक्षण का भविष्य केवल नेक इरादों पर नहीं, बल्कि कुशल और प्रशिक्षित हाथों पर निर्भर करेगा। उन्होंने वन्यजीव संरक्षण को केवल एक काम नहीं, बल्कि एक 'पीढ़ीगत जिम्मेदारी' बताया।


दुनिया के लिए तैयार होंगे एक्सपर्ट

जामनगर के 3,000 एकड़ में फैले 'वनतारा' परिसर के भीतर बनने वाली यह यूनिवर्सिटी दुनिया भर में एक्सपर्ट्स की कमी को दूर करेगी। अनंत अंबानी ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल इमारतें बनाना नहीं, बल्कि 'दुनिया के लिए पशु चिकित्सक और वैज्ञानिक' तैयार करना है। यह यूनिवर्सिटी वन्यजीव स्वास्थ्य, रोगों के प्रबंधन और संरक्षण विज्ञान में वैश्विक स्तर पर आ रही विशेषज्ञता की कमी को भरेगी।

क्या पढ़ाया जाएगा वनतारा यूनिवर्सिटी में?

यूनिवर्सिटी का शैक्षणिक ढांचा बेहद आधुनिक और व्यापक रखा गया है। यहां छात्रों को न केवल किताबी ज्ञान, बल्कि वनतारा के ऑन-ग्राउंड अनुभवों से भी सीखने को मिलेगा। यहां अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट, फेलोशिप और स्पेशलाइज्ड प्रोग्राम उपलब्ध होंगे। वाइल्डलाइफ मेडिसिन और सर्जरी, बिहेवियरल साइंसेज, जेनेटिक्स, एपिडेमियोलॉजी और संरक्षण नीति जैसे विषयों पर गहन शोध और पढ़ाई होगी।

करुणा और विज्ञान का संगम

अनंत अंबानी ने कहा कि वर्तमान प्रणालियों में जिस चीज की सबसे ज्यादा कमी है, वह है 'तकनीकी ज्ञान और करुणा' का मेल। उन्होंने कहा कि प्रकृति और जानवर इस पूरे प्रयास के केंद्र में हैं। बढ़ते पारिस्थितिक दबाव, जैव विविधता के नुकसान और प्रजातियों में फैलने वाली बीमारियों जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए यह यूनिवर्सिटी वैज्ञानिक और नैतिक, दोनों तरह के जवाब तलाशेगी।

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