UP Smart Meter News: यूपी में अब बैलेंस खत्म होते ही नहीं कटेगी आपकी बिजली, स्मार्ट मीटर को लेकर नया नियम लागू

UP Smart Meter Row: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने स्मार्ट बिजली मीटरों के लिए अनिवार्य प्रीपेड सिस्टम को भारी विरोध-प्रदर्शन के बाद खत्म कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिया है कि अब सभी स्मार्ट मीटर पोस्टपेड मोड में काम करेंगे यानी ये पारंपरिक मीटरों की तरह ही काम करेंगे

अपडेटेड May 05, 2026 पर 3:25 PM
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UP Smart Meter Row: विरोध-प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश में प्रीपेड मीटर सिस्टम खत्म हो गया है

UP Smart Meter Row: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के करीब 80 लाख स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब सभी स्मार्ट/प्रीपेड मीटर पोस्टपेड मोड की तरह काम करेंगे। बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा और उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अब सभी प्रीपेड मीटर पोस्टपेड स्मार्ट मीटर के रूप में काम करेंगे। सोमवार (4 मई) को एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पहले की तरह ही बिजली बिल में बिल जमा करने की आखिरी तारीख दर्ज रहेगी।

इसके साथ ही उपभोक्ताओं को अपना बकाया भुगतान 10 किस्तों में करने की बड़ी राहत भी दी गई है। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री ए.के. शर्मा ने सोमवार को इस संबंध में बैठक के बाद विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिलिंग साइकिल वैसे ही रहेगा जैसे पहले पोस्टपेड मीटर में होता था।

आपके मोबाइल पर आ जाएगा मैसेज


पूर्व की तरह एक तारीख से माह के अंत तक बिल की खपत का एक महीने का बिल SMS और व्हाट्सएप पर दिया जाएगा। जिन उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर बदला है, वे अपना नंबर अपडेट करवा सकते हैं। इस फैसले से यूपी के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। बिलिंग प्रक्रिया सरल और पारदर्शी होगी। इसके भुगतान के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। साथ ही शिकायतों का तुरंत समाधान सुनिश्चित होगा।

कितने दिन में भर सकते हैं बिल?

ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को प्रत्येक माह की 10 तारीख तक बिल मिल जाएंगे। बिल मिलने की तारीख से भुगतान के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। जिन उपभोक्ताओं को अपने बिल समय पर नहीं मिलते वे WhatsApp चैटबॉट के माध्यम से अपना कनेक्शन नंबर देकर अपने मौजूदा और बकाया बिल प्राप्त कर सकते हैं।

ये बिल 1912 पोर्टल पर शिकायत दर्ज करके भी प्राप्त किए जा सकते हैं। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि जिन उपभोक्ताओं के परिसर में पोस्टपेड से प्रीपेड मीटर लगाए गए थे उनकी सिक्योरिटी वापस कर दी गई थी। अब पोस्टपेड सिस्टम लागू होने पर उनसे सिक्योरिटी एकमुश्त न लेकर चार किस्तों में ली जाएगी।

शर्मा ने कहा, "मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद अब स्मार्ट मीटर पारंपरिक पोस्टपेड मीटर की तरह काम करेंगे, जिसके तहत उपभोक्ताओं को पहले से भुगतान करने के बजाय हर महीने बिजली का बिल मिलेगा। इस कदम का उद्देश्य उन बिजली उपभोक्ताओं को राहत देना है, जिन्होंने प्रीपेड सिस्टम को लेकर समस्याओं की शिकायत की थी।"

UP में कितने लोगों के पास स्मार्ट मीटर हैं?

उत्तर प्रदेश के 86.5 लाख स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं में से 83 लाख के पास स्मार्ट प्रीपेड मीटर हैं, जिनमें से ज्यादातर 1kW और 2kW कैटेगरी के हैं। पिछले कुछ समय से स्मार्ट मीटर को लेकर यूपी के अलग-अलग जिलों में भारी प्रदर्शन हो रहे थे। इसके बाद योगी सरकार ने स्मार्ट बिजली मीटरों के प्रीपेड मोड को बंद करने और ऐसे सभी मीटरों को पोस्टपेड मोड में चलाने का फैसला किया है।

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