Angel Chakma Murder: त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या मामले में नया मोड़, उत्तराखंड पुलिस को नहीं मिला नस्लीय एंगल

Angel Chakma Murder Case: पहले दावा किया गया था कि पश्चिम त्रिपुरा जिले के नंदननगर के 24 वर्षीय छात्र एंजेल चकमा को 9 दिसंबर को देहरादून में एक ग्रुप ने कथित रूप से 'नस्लीय' अपशब्द कहे। इसका विरोध करने पर उसपर जानलेवा हमला कर दिया गया। बाद में इलाज के दौरान 26 दिसंबर को उनकी मौत हो गई

अपडेटेड Dec 29, 2025 पर 7:36 PM
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Angel Chakma Murder Case: 24 वर्षीय त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा पर 9 दिसंबर को देहरादून में जानलेवा हमला किया गया था (Photo Credits: News18.com)

Angel Chakma Murder Case: उत्तराखंड पुलिस ने त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एंजेल की मौत देहरादून में कथित तौर पर नस्लीय अपशब्द को लेकर हुए जानलेवा हमले के बाद हुई थी। हालांकि, पुलिस ने नस्लीय हमले के दावों को खारिज कर दिया है। सोमवार (29 दिसंबर) को मीडिया को जानकारी देते हुए SSP अजय सिंह ने कहा कि मामले की विस्तार से जांच के लिए एक स्पेशल पुलिस टीम बनाई गई है। उन्होंने पीड़ित के भाई माइकल के इस दावे को खारिज कर दिया कि यह हमला नस्लीय मकसद से किया गया था।

चकमा पर 9 दिसंबर को देहरादून में बदमाशों ने हमला किया था। बाद में इलाज के दौरान अस्पताल में उनकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों में से एक मणिपुर का रहने वाला है। अधिकारी ने यह भी बताया कि अब तक की जांच में जानबूझकर नस्लीय टारगेट करने के दावों को सपोर्ट करने वाला कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है। पुलिस ने आगे बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अधिकारियों को बताया कि मौके पर की गई कुछ बातें उनके अपने ही ग्रुप के किसी व्यक्ति के लिए थीं।

उन्होंने दावा किया कि ये कमेंट माइकल या उसके भाई के लिए नहीं थे। बल्कि उन्हें गलत समझा गया। न्यूज 18 के मुताबिक SSP ने कहा, "पूछताछ के दौरान कई तरह की जानकारी इकट्ठा की गई। यह सामने आया कि आरोपियों में से एक (जो मणिपुर का रहने वाला है) ने बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ एक छोटी सी पार्टी कर रहा था। उस दौरान आपस में मजाक में कुछ कमेंट्स किए गए। इन बातों को एक खास तरीके से समझा गया। फिर पीड़ित पक्ष ने दखल देने की कोशिश की और उनसे ऐसा न करने को कहा।"

कैसे हुई घटना?

पुलिस ने बताया कि यह घटना तब हुई जब आरोपियों में से एक ने बर्थडे पार्टी रखी थी। आरोप है कि ग्रुप ने इलाके में पहुंचने से पहले शराब पी थी। नशे की वजह से ग्रुप और दो भाइयों के बीच कहा-सुनी हो गई। यह बहस बाद में हिंसा में तब्दील गई। उन्होंने आगे बताया, "हालांकि, उस समय गुस्से में बहस शुरू हो गई, जो हाथापाई में बदल गई। इससे युवक को चोटें आई और उसकी मौत हो गई।"


अधिकारी ने आगे बताया, "अब तक पुलिस जांच में जानबूझकर नस्लीय टिप्पणी का कोई सबूत नहीं मिला है। ये बातें मजाक में कही गई थीं। लेकिन पीड़ित पक्ष ने इन्हें गलत तरीके से लिया।" पुलिस ने बताया कि बाकी आरोपियों को गिरफ्तार करने की कोशिशें जारी हैं। मामले की आगे की जांच चल रही है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को एंजेल चकमा के पिता से फोन पर बातचीत की। और उन्हें उनके बेटे के आरोपियों को सख्त सजा दिलाने का आश्वासन दिया। धामी ने तरुण प्रसाद चकमा से फोन पर बातचीत में एंजेल की हत्या पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस घटना से वह व्यक्तिगत तौर पर दुखी हैं। उनके परिवार के दुख को समझ सकते हैं।

सीएम धामी ने यह भी कहा कि घटना के संबंध में उनकी त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा के साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी बात हुई है। धामी ने जोर देकर कहा कि प्रदेश सरकार पूरी तरह से पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि परिवार की सहायता के लिए वह डॉ साहा से बातचीत करेंगे।

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माणिक साहा ने रविवार को कहा कि उत्तराखंड के उनके समकक्ष पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि चकमा हत्याकांड के लिए जिम्मेदार सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। इस घटना को दुखद और अप्रत्याशित बताते हुए उन्होंने कहा कि धामी ने उन्हें सूचित किया है कि इस मामले में पांच आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि एक अन्य फरार है।

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