US-Iran War: मिडिल ईस्ट में बढ़ती तबाही, रियाद में एक और भारतीय नागरिक की मौत...अब तक 6 की जान गई

बता दें कि, सऊदी अरब ने दावा किया था कि उसने रियाद की ओर आ रही चार बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, जिनका कुछ मलबा शहर के दक्षिण में एक रिफाइनरी के पास गिरा। आशंका जताई जा रही है कि यह भारतीय नागरिक उसी गिरते हुए मलबे की चपेट में आ गया होगा। यह हमला ईरान के साउथ पार्स गैसफील्ड पर हुए इजरायली हमलों के जवाब में किया गया था

अपडेटेड Mar 20, 2026 पर 7:21 PM
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मिडिल ईस्ट में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे तनाव का असर अब भारतीय नागरिकों पर भी साफ दिखाई दे रहा है।

मिडिल ईस्ट में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे तनाव का असर अब भारतीय नागरिकों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। 18 मार्च को सऊदी अरब के रियाद में एक भारतीय नागरिक की मौत के बाद, इस क्षेत्र में मरने वाले भारतीयों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है। मौत के सही कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन भारतीय दूतावास ने 18 मार्च को हुई हाल की घटनाओं को इसकी वजह बताया है और कहा है कि वह मृतक के परिवार के संपर्क में है और हर संभव मदद कर रहा है।

6 भारतीयों की हो चुकी है मौत

बता दें कि, सऊदी अरब ने दावा किया था कि उसने रियाद की ओर आ रही चार बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, जिनका कुछ मलबा शहर के दक्षिण में एक रिफाइनरी के पास गिरा। आशंका जताई जा रही है कि यह भारतीय नागरिक उसी गिरते हुए मलबे की चपेट में आ गया होगा। यह हमला ईरान के साउथ पार्स गैसफील्ड पर हुए इजरायली हमलों के जवाब में किया गया था। साउथ पार्स गैसफील्ड दुनिया की सबसे बड़ी गैस परियोजनाओं में से एक है और ईरान की बिजली व्यवस्था व वैश्विक एलएनजी सप्लाई के लिए बेहद अहम है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 18 मार्च को रियाद में रहने वाले कई लोगों ने पहली बार जोरदार धमाकों की आवाजें सुनीं या उन्हें मैसेज के जरिए अलर्ट मिला।


20 दिनों से जारी है जंग

28 फरवरी से शुरू हुए इस टकराव के बाद ईरान ने सऊदी अरब समेत खाड़ी देशों की तरफ मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं, जिनका मकसद ऊर्जा सप्लाई को प्रभावित कर आर्थिक दबाव बनाना है। हालांकि, सऊदी अरब ने दावा किया है कि उसने ज्यादातर हमलों को बीच में ही नाकाम कर दिया है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं, जो निर्माण, स्वास्थ्य, होटल और वित्त जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में जुड़े हुए हैं। लेकिन मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव के बीच अब तक छह भारतीयों की जान जा चुकी है। 14 मार्च को ओमान के सोहर में ड्रोन हमले में दो भारतीयों की मौत हुई थी, जबकि उससे एक हफ्ता पहले सऊदी अरब के अल खर्ज में एक ईरानी मिसाइल रिहायशी इलाके में गिरने से एक भारतीय नागरिक की जान चली गई थी। यह स्थिति वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रही है।

विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (खाड़ी) असीम महाजन ने एक मीडिया ब्रीफिंग में जानकारी दी कि छह भारतीय नागरिकों की मौत के अलावा एक और भारतीय अभी लापता है। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब, ओमान, इराक और यूएई में मौजूद भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं और लापता व्यक्ति के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि उसे जल्द से जल्द खोजा जा सके।

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