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क्या आधार और वोटर ID भारतीय नागरिक होने का सबूत हैं? कलकत्ता HC ने दिया अहम फैसला

Calcutta High Court: कलकत्ता हाई कोर्ट ने मंगलवार को एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि वोटर ID कार्ड, आधार, पैन कार्ड या बैंक अकाउंट जैसे दस्तावेज अकेले यह पक्का तौर पर साबित नहीं कर सकते कि कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक है।

Edited By: Ashwani Kumar Srivastavaअपडेटेड Jul 29, 2026 पर 10:00 AM
क्या आधार और वोटर ID भारतीय नागरिक होने का सबूत हैं? कलकत्ता HC ने दिया अहम फैसला
क्या आधार और वोटर ID भारतीय नागरिक होने का सबूत हैं?

Calcutta High Court: कलकत्ता हाई कोर्ट ने मंगलवार को एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि वोटर ID कार्ड, आधार, पैन कार्ड या बैंक अकाउंट जैसे दस्तावेज अकेले यह पक्का तौर पर साबित नहीं कर सकते कि कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक है। 'टाइम्स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने मुर्शिदाबाद के एक व्यक्ति से जुड़ी कार्यवाही में दखल देने से इनकार करते हुए यह बात कही। फिलहाल, इस व्यक्ति को एक डिटेंशन सेंटर में रखा गया है क्योंकि अधिकारियों का आरोप है कि वह बांग्लादेशी नागरिक है और भारत में गैर-कानूनी तरीके से रह रहा है।

TOI की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस देबांग्सु बसाक और जस्टिस मोहम्मद शब्बार रशीदी की डिवीजन बेंच ने कहा कि नागरिकता साबित करने की जिम्मेदारी उसी व्यक्ति की है, जो इसका दावा कर रहा है। बेंच ने कहा कि कई मौके दिए जाने के बावजूद, हिरासत में रखे गए व्यक्ति और उसकी ओर से पेश हुए रिश्तेदार, वंश के आधार पर भारतीय नागरिकता के दावे का समर्थन करने वाले ठोस सबूत देने में नाकाम रहे।

कोर्ट ने रिश्तेदारों के बयानों पर उठाए सवाल

कोर्ट ने व्यक्ति के रिश्तेदार के बयानों में विसंगतियों की ओर भी इशारा किया। पुलिस पूछताछ के दौरान एक रिश्तेदार ने शुरू में खुद को हिरासत में लिए गए व्यक्ति का चचेरा भाई बताया था, लेकिन बाद में कोर्ट के सामने उसने खुद को उस व्यक्ति का चाचा बताया। बेंच ने उसके इस दावे पर भी सवाल उठाए कि 1980 में हिरासत में लिए गए व्यक्ति के पिता की मौत के बाद उसने ही उसकी परवरिश की थी, क्योंकि सरकारी रिकॉर्ड से पता चला कि हिरासत में लिया गया व्यक्ति उस रिश्तेदार से उम्र में बड़ा था।

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