देश की बड़ी एयरलाइंस- Air India, IndiGo और SpiceJet ने सरकार को साफ चेतावनी दी है कि एविएशन सेक्टर इस वक्त “बेहद मुश्किल हालात” में है और अगर जल्द मदद नहीं मिली, तो हालात इतने बिगड़ सकते हैं कि फ्लाइट्स तक बंद करनी पड़ें।
देश की बड़ी एयरलाइंस- Air India, IndiGo और SpiceJet ने सरकार को साफ चेतावनी दी है कि एविएशन सेक्टर इस वक्त “बेहद मुश्किल हालात” में है और अगर जल्द मदद नहीं मिली, तो हालात इतने बिगड़ सकते हैं कि फ्लाइट्स तक बंद करनी पड़ें।
इन कंपनियों का कहना है कि विमान में इस्तेमाल होने वाला ईंधन (ATF) बहुत महंगा हो गया है। ये ईंधन एयरलाइंस के कुल खर्च का करीब 40% हिस्सा होता है, इसलिए कीमत बढ़ते ही कंपनियों पर भारी दबाव पड़ता है।
क्यों बढ़ी परेशानी?
पश्चिम एशिया में तनाव और कई देशों के एयरस्पेस पर पाबंदियों की वजह से तेल की कीमतें बढ़ गई हैं। इसका सीधा असर लंबी दूरी की उड़ानों पर पड़ा है, जहां खर्च और ज्यादा बढ़ गया है।
एयरलाइंस की संस्था फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने 26 अप्रैल को सरकार को चिट्ठी लिखकर कहा कि जेट फ्यूल की कीमतों में “ऐतिहासिक बढ़ोतरी” हुई है। साथ ही कच्चे तेल और ATF की कीमतों के बीच अंतर भी काफी बढ़ गया है।
क्या हो सकता है असर?
एयरलाइंस का कहना है कि अगर ऐसे ही कीमतें बढ़ती रहीं, तो उन्हें भारी नुकसान होगा। इससे कई विमानों को ग्राउंड करना पड़ सकता है और फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ सकती हैं।
आसान शब्दों में कहें- तो एयरलाइंस को अपनी कई फ्लाइट्स बंद करनी पड़ सकती है।
सरकार से क्या मांग की गई?
एयरलाइंस ने यह भी कहा कि रुपये की कमजोरी (डॉलर के मुकाबले) से भी उनका खर्च और बढ़ गया है।
टैक्स भी बड़ी वजह
देश के अलग-अलग राज्यों में ATF पर भारी टैक्स लगता है।
ये सभी बड़े एयर ट्रैफिक वाले शहर हैं, जहां से आधे से ज्यादा उड़ानें संचालित होती हैं।
फ्यूल रेट कितना बढ़ा है?
हवाई जहाज के ईंधन, जिसे ATF (Aviation Turbine Fuel) कहा जाता है, की कीमतों में इस महीने ऐतिहासिक उछाल आया है। भारत के इतिहास में पहली बार ATF की कीमतें ₹2 लाख प्रति किलोलीटर के पार पहुंच गई हैं।
अप्रैल 2026 का उछाल: अप्रैल की शुरुआत में नॉन-शेड्यूल्ड और चार्टर फ्लाइट्स के लिए ATF की कीमतों में 115% तक की भारी वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, घरेलू उड़ानों के लिए इसमें करीब 8.5% से 10% की वृद्धि हुई है।
शहरों के अनुसार रेट (लगभग): दिल्ली में दरें बढ़कर करीब ₹1,04,000 से ₹2,07,000 प्रति किलोलीटर (कैटेगरी के आधार पर) तक पहुंच गई हैं।
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