Dehradun Showroom Controversy: देहरादून का एक वीडियो सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद और गुस्सा पैदा कर दिया है। वीडियो में बजरंग दल से जुड़े कुछ लोग एक जूते के शोरूम में जाते हुए दिख रहे हैं। वे वहां कर्मचारियों से बहस करते हैं और दो मुस्लिम कर्मचारियों के नेम टैग पर “जिहादी” लिख देते हैं। यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गया है, और लोग इस घटना पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
PTI के अनुसार, यह घटना कथित तौर पर गुरुवार को देहरादून के राजपुर रोड स्थित एक जूते की दुकान में घटी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुरुषों का एक ग्रुप दुकान के अंदर हंगामा करते हुए, कर्मचारियों से सवाल करते हुए और ग्राहकों और कर्मचारियों के सामने मैनेजमेंट से बहस करते हुए दिखाई दे रहा है।
यह वायरल फुटेज खास तौर से इसलिए चर्चा में आया क्योंकि इसमें बजरंग दल से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर दो मुस्लिम कर्मचारियों के नेम टैग उतारकर उन पर मार्कर पेन से "जिहादी" लिखते हुए देखा गया। इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर तुरंत आलोचनाओं को जन्म दिया, और कई यूजर्स ने इस घटना को अपमानजनक और सांप्रदायिक बताया।
विकास वर्मा, जिन्होंने कथित तौर पर टकराव के दौरान समूह का नेतृत्व किया, ने दावा किया कि कार्यकर्ताओं ने शोरूम में कार्यरत हिंदू कर्मचारियों से शिकायतें मिलने के बाद हस्तक्षेप किया। वर्मा के अनुसार, स्टोर के मुस्लिम मैनेजर और सह-मैनेजर कथित तौर पर हिंदू कर्मचारियों को बिना अतिरिक्त वेतन के प्रतिदिन लगभग चार घंटे अतिरिक्त काम करने के लिए मजबूर करके उनका उत्पीड़न कर रहे थे।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कुछ हिंदू कर्मचारियों पर चोरी का झूठा आरोप लगाया गया और उनकी तनख्वाह में अनुचित कटौती की गई। वर्मा ने दावा किया कि समूह ने इसलिए हस्तक्षेप किया क्योंकि इसी तरह के मुद्दों से संबंधित पिछली शिकायतों पर अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
जब वर्मा से पूछा गया कि शोरूम में प्रवेश करने से पहले मामले की औपचारिक रूप से पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी गई, तो उन्होंने तर्क दिया कि पहले भी की गई शिकायतों पर प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की थी।
इस बीच, पुलिस ने कहा कि घटना या कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई है। प्रमोद कुमार ने PTI को बताया कि अधिकारियों को इस मामले में अभी तक कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाया कि रिटेल दुकान में कर्मचारियों का धर्म क्यों मायने रखता है। एक यूजर ने लिखा, "चप्पल खरीदते समय सेल्समैन का धर्म क्या मायने रखता है?" एक अन्य यूजर ने सवाल किया कि लोग न्याय के लिए पुलिस या अदालतों का सहारा लेने के बजाय बजरंग दल जैसे समूहों से हस्तक्षेप क्यों मांग रहे हैं।