Bangalore Rains, Weather News Updates: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में रात भर हुई भारी बारिश की वजह से विभिन्न इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। सड़कों पर जगह जगह पानी भर गया है। कई आवासीय इलाके जलमग्न हो गए हैं। शहर में अभी और मूसलाधार बारिश के आसार हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटों में बेंगलुरु में 104 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सोशल मीडिया पर बेंगलुरु के विभिन्न हिस्सों से जलमग्न सड़कों के वीडियो सामने आ रहे हैं, जिसमें दिखाया गया कि बारिश के बीच शहर किस तरह की समस्याओं से जूझ रहा है।
गृह मंत्री जी परमेश्वर के अनुसार, पिछले तीन दिनों से बेंगलुरु में भारी बारिश हो रही है। गृह मंत्री ने कहा, "मानसून से पहले हम बाढ़ और जलमग्न क्षेत्र देख रहे हैं। बीबीएमपी (बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका) के कर्मी, अधिकारी सड़कों पर जलभराव, उखड़े हुए पेड़ों और शाखाओं को हटाने के काम में लगी हुई है। प्राधिकारी अपना काम कर रहे हैं।"
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर 'बेंगलुरु कॉरपोरेट क्लब' के आधिकारिक पेज पर कुछ तस्वीरें शेयर की गई है, जिनमें सोमवार को सुबह सात बजकर 20 मिनट पर शहर के एक व्यस्ततम इलाके में ट्रैफिक बिल्कुल जाम नजर आरहा है।
एक नौ साल के लड़के सहित तीन लोगों की सोमवार को बारिश से संबंधित अलग-अलग घटनाओं में मौत हो गई। मूसलाधार बारिश के कारण एक आईटी कंपनी की दीवार गिरने से 35 वर्षीय महिला की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि मृतका की पहचान निजी क्षेत्र की कर्मचारी शशिकला (35) के रूप में हुई है। इस मौसम में बारिश की शुरुआत के बाद से बारिश से संबंधित घटना में यह पहली मौत हुई। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शशिकला के परिवार के लिए सरकार से 5 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की।
एक अन्य घटना में एक युवा लड़के सहित दो व्यक्तियों को सोमवार शाम को शहर में बीटीएम लेआउट में इलेक्ट्रोक्यूट किया गया। मृतक की पहचान 55 वर्षीय मनोहर कामत और नौ वर्षीय दिनेश नेपाल के मूल निवासी के रूप में की गई। पुलिस के अनुसार, दोनों को एक मोटर का उपयोग करके अपार्टमेंट के तहखाने से बारिश के पानी को पंप करने का प्रयास करते हुए इलेक्ट्रोक्यूट किया गया था।
पीटीआई के अनुसार, सिल्क बोर्ड पर करीब 10 किलोमीटर के हिस्से में ट्रैफिक लगभग ठप हो गया था। शहर के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार बरसात के मौसम से पहले हो रही बारिश के दौरान बेंगलुरु में पिछले कुछ दिनों में बादल फटने की घटना भी सामने आई है। यहां 15 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई है।
अधिकतर लोगों ने घर से काम करने को प्राथमिकता दी है, क्योंकि शहर की सड़कों पर आवागमन लगभग असंभव और खतरनाक हो गया है। बेंगलुरू के होरमावु में साई लेआउट अब तक सबसे ज्यादा बारिश से प्रभावित इलाकों में से एक है। बरसात से पहले हुई बारिश के कारण लेआउट में चार से पांच फुट पानी भर गया।
मीडिया में आई कुछ खबरों के अनुसार, लोगों ने जाम हुई नालियों को जलजमाव के लिए जिम्मेदार ठहराया और दावा किया है कि अधिकारियों से बार-बार शिकायत करने के बावजूद नालियों की सफाई नहीं की गई।
टेनरी रोड स्थित एनसी कॉलोनी में पानी लोगों के घरों में भी घुस गया। हालांकि इससे किसी के घायल होने की खबर नहीं है। जयनगर में भारी बारिश के कारण एक पेड़ उखड़ कर वहां खड़ी कार और एक जीप पर गिर गया, जिससे वे क्षतिग्रस्त हो गईं। जलजमाव की वजह से कुछ सड़कों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया।
इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के बेंगलुरु केंद्र के निदेशक एन. पुवियारसु ने कहा कि बेंगलुरु सहित कर्नाटक के कुछ इलाकों के लिए 18 मई को जारी किया गया 'येलो अलर्ट' सोमवार और मंगलवार को भी प्रभावी रहेगा। IMD ने चेतावनी दी है कि अलर्ट के बीच कुछ क्षेत्रों में अस्थायी रूप से बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है। ट्रैफिक में मामूली बाधा आ सकती है और कमजोर पेड़ एवं शाखाएं उखड़ सकती हैं।
आईएमडी ने रविवार को बेंगलुरु सहित कर्नाटक के 23 जिलों में गुरुवार तक भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया। मौसम विभाग देश में मौसम संबंधी अलर्ट जारी करने के लिए चार रंगों का उपयोग करता है। ये रंग और इनके संदेश ग्रीन (किसी कार्रवाई की जरूरत नहीं), येलो (नजर रखें और निगरानी करते रहें), ऑरेंज (तैयार रहें) और रेड (कार्रवाई/सहायता की जरूरत) हैं।
बारिश से बेहद प्रभावित जिलों में बेंगलुरु शहरी, बेंगलुरु ग्रामीण, कोलार, चिक्कबल्लापुरा, तुमकुरु, मांड्या, मैसूरु, हसन, कोडागु, बेलगावी, बीदर, रायचूर, यादगीर, दावणगेरे और चित्रदुर्ग शामिल हैं।