Bangladeshi Media: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के ऐतिहासिक नतीजों ने न केवल भारत, बल्कि पड़ोसी देश बांग्लादेश में भी हलचल मचा दिया है। आजादी के बाद से पहली बार बीजेपी ने बंगाल में परचम लहराया है। पार्टी ने 294 में से 206 सीटें जीतकर ममता बनर्जी के 15 साल के शासन का अंत कर दिया और अब सरकार बनाने जा रही है। बीजेपी के जीत की धमक भारत ही नहीं बल्कि पड़ोसी देशों में भी देखने को मिली। ये बंपर जीत की खबर बांग्लादेशी मीडिया की सुर्खियों में छाई हुई है।
बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में लगाई 'बड़ी छलांग': बांग्लादेशी मीडिया
बांग्लादेश के प्रमुख समाचार पत्रों और पोर्टल्स ने इस जीत को एक बड़े राजनीतिक बदलाव के रूप में पेश किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह भाजपा की बंगाल में पहली जीत है, जिसने कांग्रेस, वामपंथी और हाल ही में टीएमसी के दबदबे वाले राज्य में एक नया अध्याय शुरू किया है।
The Daily Star की रिपोर्ट के मुताबिक, यह जीत प्रधानमंत्री मोदी के 12 साल के कार्यकाल की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है। यह पूर्वी भारत में पार्टी के 'लॉन्ग मार्च' के पूरा होने का संकेत है।
Dhaka Tribune: इस अखबार ने भाजपा द्वारा 200 का आंकड़ा पार करने को प्रमुखता दी और इस जीत को जबरदस्त बताया।
Prothom Alo: इस रिपोर्ट में भाजपा की जीत के तीन बड़े कारण बताए गए- वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर संशोधन (SIR), प्रशासनिक फेरबदल और केंद्रीय एजेंसियों (CBI, ED) का विपक्षी नेताओं पर दबाव।
बांग्लादेशी मीडिया ने 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) के तहत बड़ी संख्या में वोटर्स के नाम हटाए जाने को भी कवर किया, जिसने इस चुनाव को और अधिक चर्चा में ला दिया। इसके साथ ही विशेषज्ञों का मानना है कि इस जीत से 2029 के आम चुनाव से पहले पीएम मोदी को आर्थिक और विदेश नीति की चुनौतियों से निपटने में मजबूती मिलेगी।
बांग्लादेश सरकार ने क्या कहा?
नतीजों के बाद बांग्लादेश की विदेश नीति पर पड़ने वाले असर को लेकर वहां की मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि भारत में सरकार बदलने से बांग्लादेश की विदेश नीति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इस्लाम के अनुसार, दूसरे देश में कौन सी सरकार है, इससे इतर उनकी प्राथमिकता हमेशा 'बांग्लादेश फर्स्ट' ही रहेगी।
बीजेपी ने पश्चिम बंगाल के चुनाव में में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 45% वोट शेयर के साथ 206 सीटें जीती है। ममता बनर्जी की पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस 81 सीटों पर सिमट गई है। TMC को करीब 39% वोट मिले। इसके अलावा कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और AJUP जैसे दल मिलाकर 6 सीटें जीत सके और उनका वोट शेयर कुल मिलाकर करीब 10–12% के आसपास रहा।