RBI MPC Meeting : बैंकिंग, एनएफबीसी और ऑटो काउंटर जैसे रेट सेंसेटिव शेयरों में तेज बढ़त के साथ कारोबार हुआ। भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनटेरी पॉलिसी समिति ने शुक्रवार, 6 जून को बाजार की उम्मीदों के मुताबिक प्रमुख लेंडिंग रेट में 50 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती की। आरबीआई ने भी अपना रुख पहले के 'एकोमोडिटिव' से बदलकर 'न्यूट्रल' कर दिया। निवेशकों ने उधार लेने की लागत को कम करने पर दांव लगाया। इससे हाउसिंग और ऑटो प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ेगी। जिससे ऋणदाताओं, चाहे बैंक हों या गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां, इन सभी के मुनाफे में सुधार होगा। अप्रैल की बैठक के दौरान, आरबीआई एमपीसी ने लेंडिंग रेट को 25 बेसिस प्वाइंट्स घटाकर 6 प्रतिशत कर दिया। इसके पहले ये रेट 6.25 प्रतिशत था। आरबीआई ने लगातार दूसरी दर कटौती की है। वहीं 50 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती के साथ, रेपो दर 5.5 प्रतिशत पर आ गई है।
