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अलंकार अग्निहोत्री ने पहले भेजा इस्तीफा फिर हुए सस्पेंड...बरेली सिटी मजिस्ट्रेट की जांच करेंगे कमिश्नर

उत्तर प्रदेश सरकार ने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया। सरकार ने उन पर अनुशासनहीनता और सेवा नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 27, 2026 पर 9:06 PM
अलंकार अग्निहोत्री ने पहले भेजा इस्तीफा फिर हुए सस्पेंड...बरेली सिटी मजिस्ट्रेट की जांच करेंगे कमिश्नर
इस्तीफे की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया

गणतंत्र दिवस के दिन बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे से उत्तर प्रदेश में बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद खड़ा हो गया। वर्ष 2019 बैच के PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि उन्होंने यह कदम नए UGC नियमों और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ कथित बदसलूकी के विरोध में उठाया है। अग्निहोत्री का कहना है कि वह अब ऐसे सिस्टम का हिस्सा नहीं बन सकते, जहां नीतियां समाज को बांटने का काम कर रही हों और संविधान व लोकतंत्र के मूल्यों को कमजोर किया जा रहा हो।

वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके इस्तीफे की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया। सरकार ने उन पर अनुशासनहीनता और सेवा नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है।

UGC नियमों को लेकर आपत्ति

अलंकार अग्निहोत्री ने हाल ही में जारी किए गए यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों पर आपत्ति जताई है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और बरेली के जिला मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह को ईमेल के ज़रिए अपना इस्तीफा भेजा था। अपने इस्तीफे में उन्होंने 13 जनवरी को जारी किए गए “उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने वाले नियम, 2026” का कड़ा विरोध किया। अग्निहोत्री का कहना है कि इन नियमों के ज़रिए कॉलेज और यूनिवर्सिटी में जाति के आधार पर भेदभाव रोकने की बात कही गई है।

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