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'तबाही का खेल...': बंगाल SIR के लिए माइक्रो-ऑब्जर्वर की नियुक्ति पर बवाल, ममता बनर्जी ने उठाए सवाल

Bengal SIR Row: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि बंगाल में वोटर लिस्ट का SIR वोट देने के अधिकार से वंचित करने का एक बड़ा अभियान है। इसमें लाखों वोटर्स के नाम अवैध रूप से लिस्ट से हटा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि ड्राफ्ट लिस्ट में करोड़ों नामों की एंट्री हैं। ऐसे में इतने कम समय में लोगों के लिए गलतियों को चेक करना नामुमकिन है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jan 13, 2026 पर 9:46 PM
'तबाही का खेल...': बंगाल SIR के लिए माइक्रो-ऑब्जर्वर की नियुक्ति पर बवाल, ममता बनर्जी ने उठाए सवाल
Bengal SIR Row: सीएम ममता बनर्जी ने बंगाल वोटर लिस्ट वेरिफिकेशनन के लिए माइक्रो-ऑब्जर्वर की नियुक्ति पर सवाल उठाए

Bengal SIR Row: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार (13 जनवरी) को विधानसभा चुनावों से पहले वोटर लिस्ट से बड़े पैमाने पर नाम हटाने को लेकर चुनाव आयोग (ECI) पर निशाना साधा। साथ ही बंगाल में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) एक्सरसाइज के लिए फिर से माइक्रो-ऑब्जर्वर की नियुक्ति पर सवाल उठाए। बनर्जी ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट का SIR वोट देने के अधिकार से वंचित करने का एक बड़ा अभियान है। इसमें लाखों वोटर्स के नाम अवैध रूप से लिस्ट से हटा दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि ड्राफ्ट लिस्ट में करोड़ों नामों की एंट्री हैं। ऐसे में इतने कम समय में लोगों के लिए गलतियों को चेक करना नामुमकिन है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रोसेस के दौरान इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (ERO) द्वारा पावर का गलत इस्तेमाल करके राज्य की वोटर लिस्ट से 54 लाख नाम एकतरफा हटा दिए गए। ममता ने दावा किया कि जिन वोटर्स के नाम हटाए गए, वे 'असली वोटर' थे। सीएम ने कहा कि उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया, क्योंकि उन्हें नाम हटाने के कारणों के बारे में बताया भी नहीं गया था।

मुख्यमंत्री ने राज्य सचिवालय 'नबान्न' में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया, "दिल्ली में बैठा चुनाव आयोग BJP द्वारा बनाए गए AI सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके नाम हटा रहा है। यह सॉफ्टवेयर SIR डेटा में नामों के मिलान के दौरान पाई गई गड़बड़ियों के लिए जfम्मेदार है। इसने उन महिलाओं के नाम हटा दिए जिन्होंने शादी के बाद अपना सरनेम बदल लिया था।"

ममता ने दावा किया कि यह लॉजिकल गड़बड़ी ओरिजिनल SIR वेरिफिकेशन प्रोसेस का हिस्सा नहीं थी। बल्कि बड़ी संख्या में नाम हटाने में आसानी के लिए इसे बाद में शामिल किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP-चुनाव आयोग का गठजोड़ फाइनल वोटर लिस्ट से एक करोड़ और नाम हटाने की योजना बना रहा है।

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