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Mamata Banerjee: 'इलेक्शन कमीशन व्हाट्सएप कमीशन है'; सुप्रीम कोर्ट में बोलीं ममता बनर्जी, SIR पर खुद रखा अपना पक्ष

Didi vs ECI: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान कई जीवित व्यक्तियों को मृत बताया। ममता ने कहा कि चुनाव आयोग आधार कार्ड स्वीकार नहीं कर रहा है। वोटर लिस्ट संशोधन के लिए मतदाताओं से अन्य दस्तावेज भी मांग रहा है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Feb 04, 2026 पर 4:40 PM
Mamata Banerjee: 'इलेक्शन कमीशन व्हाट्सएप कमीशन है'; सुप्रीम कोर्ट में बोलीं ममता बनर्जी, SIR पर खुद रखा अपना पक्ष
Didi vs ECI: बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने SIR पर सुप्रीम कोर्ट में खुद अपना पक्ष रखा (फोटो- AI)

Didi vs ECI: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार (4 फरवरी) को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग (ECI) की कड़ी आलोचना की। बंगाल में जारी वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी ने इलेक्शन कमीशन को 'व्हाट्सएप कमीशन' करारा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग वोटर लिस्ट से बड़े पैमाने पर नाम हटाने के लिए जिम्मेदार है। ममता ने दावा किया कि SIR प्रक्रिया में बंगाल को गलत तरीके से निशाना बनाया जा रहा है।

उन्होंने कोर्ट से कहा, "इलेक्शन कमीशन... सॉरी, व्हाट्सएप कमीशन... यह सब कर रहा है। लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं। बंगाल को निशाना बनाया जा रहा है।" यह ऐतिहासिक मौका था। जब एक राज्य की मुख्यमंत्री देश की सबसे बड़ी अदालत में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) से चुनाव आयोग की शिकायत कर रही थीं। SIR पर ममता बनर्जी के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब देने को कहा है। मामले की अब सोमवार को अगली सुनवाई होगी।

मममा बनर्जी ने दायर की है याचिका

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने SIR के मुद्दे पर एक अलग याचिका दायर की है। सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री बनर्जी के पास LLB की डिग्री है। इसलिए वह खुद सुनवाई में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने अपना तर्क भी रखा। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर भारत के चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया।

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