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Noida Engineer Death: नोएडा इंजीनियर मौत मामले में बड़ा एक्शन, इस बिल्डर की हुई गिरफ्तारी

युवराज मेहता की मौत के बाद नोएडा प्रशासन के इंतज़ामों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि मौके पर पुलिस और फायर ब्रिगेड मौजूद होने के बावजूद युवराज को बचाया क्यों नहीं जा सका। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार ने घटना की जांच के लिए तीन सदस्यों वाली एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 20, 2026 पर 3:35 PM
Noida Engineer Death: नोएडा इंजीनियर मौत मामले में बड़ा एक्शन, इस बिल्डर की हुई गिरफ्तारी
Noida : नोएडा में बीते दिनों सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है।

राजधानी दिल्ली के करीब ग्रेटर नोएडा में बीते दिनों सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत मामले से पूरा देश हैरान है। 27 साल के एक टेक प्रोफेशनल की डूबने से मौत के बाद नोएडा प्रशासन पर लापरवाही के सवाल उठ रहे हैं। बीते शुक्रवार को इंजीनियर युवराज मेहता की कार एक पानी से भरे गड्ढे में गिर गई थी और उनकी डूबने से मौत हो गई। वहीं इसी मामले में बड़ी कार्रवाई  हुई है और बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार किया। आरोपी का नाम केस में शामिल था और उसे नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन की टीम ने हिरासत में ले लिया।

अभाय कुमार नॉलेज पार्क इलाके में स्थित एक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट MZ विस्टाउन के मालिक हैं। यह गिरफ्तारी इंजीनियर की मौत से जुड़े हालात की जांच के बाद हुई है, जिसमें बिल्डर कथित तौर पर शामिल था।

ट्रक ड्राइवर ने बताई खौफनाक कहानी 

वहीं एक ट्रक ड्राइवर गुरविंदर सिंह ने एक हैरान कर देने वाला खुलासा किया है। गुरविंदर सिंह, करीब दो हफ्ते पहले उसी जगह हुए एक हादसे में बाल-बाल बच गए थे।NDTV से बता करते हुए गुरविंदर सिंह ने बताया, “नाला और खाई सड़क से सिर्फ़ 10 कदम की दूरी पर हैं, लेकिन वहां न तो कोई साइनबोर्ड लगा है और न ही बैरिकेड। मेरा ट्रक नाले की दीवार से टकराया और आगे निकल गया। आगे के टायर हवा में लटक गए थे और बीच वाले टायर दीवार में फंस गए। मैं किसी तरह ट्रक से कूद गया और गर्दन तक पानी में जा गिरा। रात करीब 12:30 बजे मैं खाई में गिरा था। सुबह करीब 4 बजे कुछ स्थानीय लोगों ने मेरी मदद की। गिरने के करीब दो घंटे बाद दो पुलिसकर्मी आए, लेकिन उन्होंने कोई मदद नहीं की। अगर जिला प्रशासन चाहता, तो उसी समय एक एक्सकेवेटर बुलाया जा सकता था।”

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