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Budget 2026: MGNREGA खत्म होने के बाद बजट में महात्मा गांधी के नाम पर नई योजना की घोषणा, खादी पर फोकस करेगी सरकार

Mahatma Gandhi Gram Swaraj scheme: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (1 जनवरी) को कहा कि 'महात्मा गांधी ग्राम स्वराज' योजना का फोकस खादी, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट सेक्टर को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि यह पहल वैश्विक बाजार से जुड़ाव और ब्रांडिंग में मदद करेगी

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Feb 01, 2026 पर 6:18 PM
Budget 2026: MGNREGA खत्म होने के बाद बजट में महात्मा गांधी के नाम पर नई योजना की घोषणा, खादी पर फोकस करेगी सरकार
Budget 2026: बजट 2026 में 'महात्मा गांधी ग्राम स्वराज' स्कीम शुरू करने की घोषणा की गई है

Mahatma Gandhi Gram Swaraj scheme: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली NDA सरकार ने MGNREGA (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) का नाम बदलकर 'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण)' यानी VB-G RAM G कर दिया है। इस बीच, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हैंडलूम पर फोकस वाली स्कीम के तौर पर 'महात्मा गांधी ग्राम स्वराज (Mahatma Gandhi Gram Swaraj scheme)' योजना लॉन्च करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि सरकार टेक्सटाइल इंडस्ट्री, खासकर खादी, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट सेक्टर में सुधार चाहती है।

वित्त मंत्री ने कहा, "मैं मेगा टेक्सटाइल पार्क्स स्थापित करने का प्रस्ताव रखती हूं। ये पार्क टेक्निकल टेक्सटाइल्स में वैल्यू एडिशन पर भी विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करेंगे। मैं खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 'महात्मा गांधी ग्राम स्वराज' शुरू करने का प्रस्ताव भी रखती हूं।"

निर्मला सीतारमण ने आगे कहा, "यह पहल वैश्विक बाजार से जुड़ाव और ब्रांडिंग में मदद करेगी। साथ ही ट्रेनिंग, प्रक्रियाओं एवं उत्पादन की गुणवत्ता को सुव्यवस्थित एवं सुदृढ़ करेगी। इससे हमारे बुनकरों, ग्राम उद्योगों, ODOP (एक जिला–एक उत्पाद) और ग्रामीण युवाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।"

वहीं, बजट के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री ने कहा, "मुझे लगता है कि मैंने टेक्सटाइल सेक्टर के लिए अलग-अलग तरह के सपोर्ट के बारे में पहले ही विस्तार से बता दिया है। एक बहुत ही जरूरी घोषणा महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल थी, जिससे यह पक्का होगा कि खादी, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट को बढ़ावा मिले। साथ ही वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट पहल भी...। इससे इन इलाकों में ग्रामीण कारीगरों, ग्रामीण मज़दूरों और हैंडलूम बुनकरों को मदद मिलेगी।"

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