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कैबिनेट ने 10,000 करोड़ रुपये की कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग योजना को दी हरी झंडी, खेल सामग्री योजना के लिए भी 1,856 करोड़ रुपये मंजूर

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज बुधवार, 28 अक्टूबर को 'कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग प्रोत्साहन योजना' को मंजूरी दे दी। भारत में कंटेनर बनाने के बेस को मजबूत करने के लिए वित्त वर्ष 2040 तक 13 वर्षों की अवधि में इस योजना पर कुल 10,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Oct 28, 2026 पर 4:10 PM
कैबिनेट ने 10,000 करोड़ रुपये की कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग योजना को दी हरी झंडी, खेल सामग्री योजना के लिए भी 1,856 करोड़ रुपये मंजूर
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि स्टील बनाने वाली कंपनियों को कंटेनर-ग्रेड स्टील बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इस योजना का मकसद भारत को कंटेनर उत्पादन का हब बनाना है

दिवाली से पहले सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों का महंगाई भत्ता बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट की बैठक में इस पर फैसला लिया गया। इसके अलावा कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग प्रोमोशन स्कीम के साथ दूसरी स्कीमों को भी मंजूरी दी गई है। इसमें 1,856 करोड़ रुपये की स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम और PM विकसित ग्राम स्वराज योजना शामिल हैं।

कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग प्रोमोशन स्कीम

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज बुधवार, 28 अक्टूबर को 'कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग प्रोत्साहन योजना' को मंजूरी दे दी। भारत में कंटेनर बनाने के बेस को मजबूत करने के लिए वित्त वर्ष 2040 तक 13 वर्षों की अवधि में इस योजना पर कुल 10,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग योजना के चार घटक हैं। यह हैं ब्याज सब्सिडी सहायता, परीक्षण और प्रमाणन सहायता, भूमि पट्टे पर लेने में सहयोग और परिचालन व्यय सहायता। ब्याज सब्सिडी सहायता के तहत पूंजी निवेश के लिए लिए गए टर्म लोन पर 3% वार्षिक ब्याज सब्सिडी देने के लिए 859 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि स्टील बनाने वाली कंपनियों को कंटेनर-ग्रेड स्टील बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इस योजना का मकसद भारत को कंटेनर उत्पादन का हब बनाना है। इस योजना के तहत कंटेनर बनाने के नए प्लांट लगाने वाली कंपनियों को कैपिटल असिस्टेंस यानी पूंजी लगाने के लिए मदद दी जाएगी। मौजूदा प्लांट का विस्तार करने पर भी फाइनेंशियल मदद मिलेगी। कंटेनर की जांच के लिए टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और कर्मचारियों की ट्रेनिंग यानी स्किल डेवलपमेंट के लिए भी इंसेंटिव दिया जाएगा। यह कदम भारत में कंटेनर बनाने से जुड़ी क्षमता और सुविधाएं बढ़ाने के लिए उठाया गया है। परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के तीन साल के भीतर शुरू हो जाना चाहिए और उन्हें वैश्विक कंटेनर मानकों को पूरा करना होगा।

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