Cashless Toll System India: कैशलेस टोल पर फिलहाल ब्रेक! 1 अप्रैल से लागू होने वाला नियम टला, जानें- क्यों

Cashless Toll System India: देशभर में सफर करने वालों के लिए एक बड़ बदलाव आने वाला था, लेकिन फिलहाल इसमें थोड़ा इंतजार करना होगा। केंद्र सरकार ने टोल प्लाजा पर पूरी तरह कैशलेस पेमेंट लागू करने की योजना को एक महीने के लिए टाल दिया है। यह नया सिस्टम अब 1 मई से लागू होगा।

अपडेटेड Apr 01, 2026 पर 2:18 PM
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कैशलेस टोल पर फिलहाल ब्रेक! 1 अप्रैल से लागू होने वाला नियम टला

Cashless Toll System India: देशभर में सफर करने वालों के लिए 1 अप्रैल 2026 से एक बड़ बदलाव आने वाला था, लेकिन फिलहाल इसमें थोड़ा इंतजार करना होगा। केंद्र सरकार ने टोल प्लाजा पर पूरी तरह कैशलेस पेमेंट लागू करने की योजना को एक महीने के लिए टाल दिया है। यह नया सिस्टम अब 1 मई से लागू होगा, जिसमें नकद भुगतान बंद कर दिया जाएगा और यात्रियों को डिजिटल पेमेंट से टोल देना होगा।

दैनिक हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से देशभर में टोल प्लाजा पर कैशलेस टोल टैक्स सिस्टम लागू किया जाना था, लेकिन केंद्र सरकार ने इस फैसले को एक महीने के लिए आगे बढ़ा दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत टोल पर कैश पेमेंट पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। अगर किसी गाड़ी का FASTag काम नहीं करता है, तो यात्री UPI या QR कोड के जरिए ऑनलाइन पेमेंट कर सकेंगे।

हालांकि, ऑनलाइन पेमेंट करने पर यात्रियों को बेस टोल रेट से 1.25 गुना अधिक पैसा देना होगा। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कैशलेस टोल व्यवस्था अब 1 मई से लागू होगा। कुछ तकनीकी कारणों की वजह से इस फैसले को एक महीने के लिए टाल दिया गया है।


कैशलेस पेमेंट के लिए बनाए गए नए नियम

उन्होंने कहा कि टोल प्लाजा पर नगद भुगतान को कम करने के लिए सरकार ने नया नियम बनाया है। अब अगर कोई भी ऑनलाइन पेमेंट करता है, तो उसे 25 फीसदी अतिरिक्त प्रोसेसिंग फीस देनी पड़ सकती है।

मंत्रालय की नई गाइडलाइन के अनुसार अगर टोल कटौती में कोई गलती है और FASTag में पर्याप्त बैलेंस है, तो वाहन को मुफ्त में जाने की अनुमति देनी होगी। मतलब कोई कॉस्ट नहीं लगेगा। इसके अलावा, गलत कटौती का रिफंड अब 48 घंटे में मिलेगा। बैंकों और टोल एजेंसियों को आदेश दिया गया है कि गलत तरीके से कटे पैसे का रिफंड दिए गए समय के अंदर यात्री के खाते में वापस आ जाना चाहिए। अगर ऐसा नहीं किया गया, तो संबंधित एजेंसी पर प्रतिदिन 500 रुपये का जुर्माना लगेगा। बता दें कि अभी रिफंड आने में 7 से 15 दिन लग जाते हैं।

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