Caste Census News: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अगली जनगणना में जातिगत गणना कराए जाने के केंद्र सरकार के फैसले पर बुधवार (30 अप्रैल) को कहा कि वह इसका समर्थन करते हैं। लेकिन सरकार को बताना चाहिए कि यह किस तारीख तक होगी। सरकार ने बुधवार को ऐलान किया कि आगामी जनगणना में जातिगत गणना को पारदर्शी तरीके से शामिल किया जाएगा। राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा लिए गए फैसलों की घोषणा करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जनगणना केंद्र के अधिकार क्षेत्र में आती है लेकिन कुछ राज्यों ने सर्वेक्षण के नाम पर जाति गणना की है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पत्रकारों से कहा, "संसद में हमने कहा था कि जाति जनगणना करवा के रहेंगे...नरेंद्र मोदी जी ने कहा था कि सिर्फ चार जातियां हैं। लेकिन पता नहीं क्या हुआ कि 11 साल बाद इसकी घोषणा की गई।" उन्होंने कहा, "हम इसका समर्थन करते हैं, लेकिन इसमें समयसीमा होनी चाहिए...हमें टाइमलाइन बताई जाए।"
राहुल गांधी का कहना था कि सरकार को यह भी बताना चाहिए कि यह जातिगत गणना किस प्रकार से होगी। उन्होंने कहा कि तेलंगाना का जातिगत सर्वेक्षण जातिगत गणना का एक मॉडल है। नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि देश को संस्थानों और सत्ता में ओबीसी की भागीदारी के बारे में पता चले।
उन्होंने कहा, "हम इसको पूरी तरह से समर्थन करते हैं लेकिन हम जानना चाहते हैं कि ये कब तक होगा। जाति जनगणना के लिए तेलंगाना एक मॉडल बना है और वो ब्लू प्रिंट बन सकती है। जाति जनगणना को डिजाइन करने में हम सरकार को पूरा समर्थन करेंगे क्योंकि बिहार और तेलंगाना के डिजाइन में जमीन आसमान का फर्क है। हम केंद्र से सवाल पूछ रहे है कि चाहे OBC, दलित और आदिवासी हो उनकी देश में कितनी भागीदारी है जाति जनगणना से ये पता लगेगा। हमारी संस्थाओं में इनकी कितनी भागीदारी है ये नेक्स्ट स्टेप है।"
राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी अगली जनगणना में जातिगत गणना कराए जाने के केंद्र सरकार के फैसले को सही कदम करार देते बुधवार को कहा कि जल्द से जल्द बजट का प्रावधान कर, जनगणना और जातिगत गणना का काम पूरी पारदर्शिता के साथ शुरू किया जाए। खड़गे ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी बार-बार सामाजिक न्याय की इस नीति को लागू करने से बचते रहे और विपक्ष पर समाज को बांटने का झूठा आरोप लगाते रहे।
खड़गे ने X पर पोस्ट किया, "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने लगातार जातिगत गणना की मांग उठाई थी, जिसके सबसे मुखर पक्षधर राहुल गांधी रहे। आज मोदी सरकार ने जनगणना के साथ जातिगत गणना कराने की घोषणा की है। यह सही कदम है जिसकी हम पहले दिन से मांग कर रहे थे।" उनका कहना है, "मैंने कई बार इसे संसद में उठाया और प्रधानमंत्री जी को पत्र भी लिखा। इंडिया गठबंधन के नेताओं ने भी कई बार जातिगत गणना की मांग की है और लोकसभा चुनाव में ये अहम मुद्दा बना।"
उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी बार-बार सामाजिक न्याय की इस नीति को लागू करने से बचते रहे और विपक्ष पर समाज को बांटने का झूठा आरोप लगाते रहे। कांग्रेस मुखिया ने कहा कि जनगणना के लिए इस साल के बजट में भी केवल 575 करोड़ रुपये का आवंटन है, इसलिए ये सवाल मुनासिब है कि सरकार इसको कैसे और कब पूरा करेगी।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "कांग्रेस पार्टी ये माँग करती है कि मोदी सरकार जल्द से जल्द, बजट का प्रावधान कर, जनगणना और जातिगत गणना का काम पूरी पारदर्शिता के साथ चालू करे।" उन्होंने कहा, "जातिगत गणना जरूरी है, सहभागी न्याय के बिना सबकी प्रगति अधूरी है।"